अन्तरिक्ष विभाग के अंतर्गत नयी कंपनी की स्थापना की जायेगी

केंद्र सरकार ने अन्तरिक्ष विभाग के अंतर्गत नयी कंपनी की स्थापना को मंज़ूरी दे दी है। इसका उद्देश्य भारतीय अन्तरिक्ष अनुसन्धान संगठन (ISRO) के अनुसन्धान व विकास कार्य से वाणिज्यिक लाभ प्राप्त करना है।

मुख्य बिंदु

निम्नलिखित क्षेत्रों में भारतीय अन्तरिक्ष अनुसन्धान संगठन (ISRO) के अनुसन्धान व विकास कार्य से वाणिज्यिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है :

  • छोटे उपग्रह की तकनीक संबधी हस्तांतरण। यह नयी कंपनी अन्तरिक्ष विभाग/ इसरो से लाइसेंस लेगा तथा उद्योगों को सब-लाइसेंस जारी करेगा।
  • निजी सेक्टर के साथ मिलकर स्माल सैटेलाइट लांच व्हीकल (SLV) का निर्माण।
  • उद्योग के साथ मिलकर ध्रुवीय SLV का उत्पादन।
  • अन्तरिक्ष सम्बन्धी उत्पादों व सेवाओं का विपणन, इसमें लांच तथा एप्लीकेशन शामिल हैं।
  • इसरो के केंद्री तथा अन्तरिक्ष विभाग की इकाइयों द्वारा विकसित तकनीकों का तकनीक हस्तांतरण।

हाल ही में इसरो ने लिथियम-आयन सेल बैटरी के तकनीक हस्तांतरण को मंज़ूरी दी थी। नयी कंपनी की स्थापना करने के बाद अन्तरिक्ष विभाग को राजस्व की प्राप्ति होगी।

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