आंध्र प्रदेश में पाया गया दक्षिण भारत का सबसे पुराना संस्कृत शिलालेख

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की पुरालेख शाखा ने दक्षिण भारत में अब तक के सबसे पुराने संस्कृत शिलालेख की खोज की है। यह सबसे पुराना संस्कृत शिलालेख आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के चेबरोलु गाँव में पाया गया है। इस शिलालेख से सप्तमातृका के बारे में जानकारी मिलती है।

सप्तमातृका हिन्दू धर्म में सात देवियों का समूह हैं। सप्तमातृका की जानकारी कदम्ब ताम्र प्लेट,चालुक्य तथा पूर्वी चालुक्य ताम्र प्लेट से मिलती है।

मुख्य बिंदु

यह शिलालेख संस्कृत भाषा में है, इसमें ब्राह्मी वर्ण हैं। इसे सातवाहन राजा विजय ने 207 ईसवी में जारी किया गया था। इस शिलालेख में एक मंदिर तथा मंडप के निर्माण के बारे में वर्णन किया गया है। यह दक्षिण भारत में प्राप्त हुआ अब तक का सबसे पुराना संस्कृत शिलालेख है। इससे पहले इक्ष्वाकु राजा एहावाला चंतामुल द्वारा चौथी सदी में जारी नागार्जुनकोंडा शिलालेख दक्षिण भारत में सबसे पुराना संस्कृत शिलालेख माना जाता था।

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