उत्तराखंड में मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना लांच की गयी

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हाल ही में देहरादून में मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना लांच की। यह योजना युवाओं के स्वरोजगार को बढ़ावा देती है। यह हरित ऊर्जा के उत्पादन को भी बढ़ावा देती है।

मुख्य बिंदु

यह योजना मुख्य रूप से प्रवासी कामगारों और युवाओं को लक्षित करती है जो कोविड-19 लॉकडाउन के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में अपनी नौकरी छोड़कर अपने घरों को लौट गए हैं। इस योजना के लाभार्थियों को 25 किलोवाट के सौर ऊर्जा संयंत्रों आवंटित किये जायेंगे। अनुमान है कि ये बिजली संयंत्र प्रति वर्ष 38,000 यूनिट बिजली पैदा करेंगे। उत्पन्न बिजली को उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन द्वारा 25 वर्षों के लिए खरीदा जायेगा।

वित्तीय सहायता

इस योजना के तहत, निजी बैंक और सहकारी बैंक 15 वर्षों के लिए ऋण प्रदान करते हैं। सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए 8% प्रति वर्ष की ब्याज दर पर ऋण प्रदान किया जायेगा। प्लांट्स का निर्माण निजी भूमि या पट्टे पर ली गयी भूमि पर किया जायेगा।

इस कार्यक्रम के जिलेवार लक्ष्यों पर सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यमों के मंत्रालय के साथ चर्चा की जा रही है।

लाभ

स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्र एक ही भूमि पर फल सब्जियों और जड़ी बूटियों की एकीकृत खेती में मदद करेंगे। राज्य सरकार ने एक ही भूमि में जलवायु आधारित स्पंजी और औषधीय पौधों के खेती के बीज को बढ़ावा देने की भी योजना बनाई है।

त्वरित तैनाती एंटीना प्रौद्योगिकी

इस योजना के शुभारंभ के साथ, मुख्यमंत्री ने राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की त्वरित तैनाती एंटीना तकनीक का भी उद्घाटन किया। उत्तराखंड इस प्रौद्योगिकी का उपयोग करने वाला पहला राज्य है।

यह प्रौद्योगिकी एक उपग्रह-आधारित संचार प्रौद्योगिकी है जो संचार को स्थापित करने में मदद करती है जहां कम या शून्य नेटवर्क कवरेज है। यह मुख्य रूप से आपातकालीन स्थितियों के दौरान वीडियो या वॉयस कॉल और डेटा ट्रांसफर भेजने और प्राप्त करने में सहायता करेगी।

मुख्यमंत्री ने एक वन्यजीव हेल्पलाइन नंबर 1926 भी लॉन्च की जो मानव वन्यजीव संघर्ष को कम करने में मदद करेगी।

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