एन. रघुराम बने अंतर्राष्ट्रीय नाइट्रोजन अभियान के पहले भारतीय अध्यक्ष

वैज्ञानिक व शिक्षाविद एन. रघुराम अंतर्राष्ट्रीय नाइट्रोजन अभियान के अध्यक्ष चुने जाने वाले पहले भारतीय व एशियाई बने। वे मार्क सटन का स्थान लेंगे। उनके अतिरिक्त न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय के डेविड कैंटर को अंतर्राष्ट्रीय नाइट्रोजन अभियान का उपाध्यक्ष चुना गया। वे 1 जनवरी, 2019 को कार्यभार संभालेंगे।

नए अध्यक्ष का कार्य

अंतर्राष्ट्रीय नाइट्रोजन अभियान के अध्यक्ष का कार्य इसके 6 प्रांतीय निदेशकों (पूर्वी एशिया, दक्षिणी एशिया, अफ्रीका, यूरोप, लैटिन अमेरिका, उत्तरी अमेरिका) का नेतृत्व करना है। इसके अलावा वे नाइट्रोजन फुट प्रिंटिंग तथा ग्लोबल कार्बन प्रोजेक्ट के साथ मिलकर नाइट्रस ऑक्साइड बजट की स्थापना का कार्य करेंगे। नए अध्यक्ष व उपाध्यक्ष वैश्विक वैज्ञानिक नीति निर्माण में भी योगदान देंगे।

एन. रघुराम

एन. रघुराम फसलों में नाइट्रोजन के दक्ष उपयोग से सम्बंधित शोध में विशेषज्ञता रखते हैं। इससे पहले वे भारतीय नाइट्रोजन समूह के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वे भारतीय नाइट्रोजन समूह के सह-संस्थापक भी हैं। इसके अतिरिक्त वे दक्षिण एशियाई नाइट्रोजन केंद्र के निदेशक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में GGS इन्द्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, नई दिल्ली में प्रोफेसर हैं।

अंतर्राष्ट्रीय नाइट्रोजन अभियान (International Nitrogen Initiative)

अंतर्राष्ट्रीय नाइट्रोजन अभियान का गठन वर्ष 2003 में पर्यावरण सम्बन्धी समस्याओं के लिए वैज्ञानिक समिति (Scientific Committee on Problems of Environment : SCOPE) तथा अंतर्राष्ट्रीय जियोस्फीयर और बायोस्फियर प्रोग्राम द्वारा किया गया था। इसका उद्देश्य मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण पर नाइट्रोजन के नकारात्मक प्रभाव को कम करना है। अंतर्राष्ट्रीय नाइट्रोजन अभियान का समन्वयन एक स्टीयरिंग समिति द्वारा किया जाता है। इसके 6 क्षेत्रीय निदेशकों द्वारा पूर्वी एशिया, दक्षिणी एशिया, अफ्रीका, यूरोप, लैटिन अमेरिका, उत्तरी अमेरिका का प्रतिनिधित्व किया जाता है।

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