काठमांडू घोषणा के साथ चौथे बिम्सटेक सम्मेलन का हुआ समापन

काठमांडू डिक्लेरेशन पर हस्ताक्षर करने के बाद बिम्सटेक के चौथे सम्मेलन का समापन हुआ। बिम्सटेक के सभी सात सदस्यों (भारत, नेपाल, बांग्लादेश, भूटान, श्रीलंका, म्यांमार और थाईलैंड) ने काठमांडू डिक्लेरेशन को स्वीकार किया। इस दौरान नेपाल के प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली ने अगले बिम्सटेक सम्मेलन की अध्यक्षता श्रीलंका के राष्ट्रपति मैथ्रीपाला सिरीसेना को सौंपी। इस शिखर सम्मेलन में बिम्सटेक के सदस्य देशों ने बिम्सटेक ग्रिड इंटरकनेक्शन के लिए MoU पर हस्ताक्षर किये।

काठमांडू डिक्लेरेशन

18 बिंदु वाले काठमांडू डिक्लेरेशन का उद्देश्य क्षेत्र में आर्थिक व तकनीकी गतिविधियों को बढ़ावा देकर बिम्सटेक सचिवालय की प्रभावशीलता में वृद्धि करना है। इस डिक्लेरेशन में क्षेत्र के आर्थिक व सामाजिक विकास में व्यापार और निवेश की भूमिका को स्वीकार किया गया। इसमें विश्व के सभी भागों में हुए आतंकवादी घटनाओं की भर्त्सना की गयी।

इस डिक्लेरेशन में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ने में की प्रतिबद्धता को सशक्ति बनाने पर बल दिया गया। इसके अलावा बिम्सटेक देशों के बीच अपराधिक मामलों में पारस्परिक कानूनी सहयोग पर बल दिया गया। बिम्सटेक देशों ने हाईवे, रेलवे, जलमार्ग तथा हवाई मार्ग के द्वारा क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने का कार्य किया जायेगा। इसके अलावा बिम्सटेक तटीय शिपिंग समझौते तथा बिम्सटेक मोटर व्हीकल समझौते के लिए निष्कर्ष पर पहुँचने के लिए बल दिया गया।

इसके अलावा बिम्सटेक विकास फण्ड की स्थापना पर भी विचार-विमर्श किया गया, इस फण्ड का उपयोग अनुसन्धान व नियोजन प्रोजेक्ट्स तथा अन्य गतिविधियों के लिए किया जायेगा। इस दौरान बिम्सटेक मुक्त व्यापार क्षेत्र पर भी वार्ता शुरू हुई।

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