किसान सूर्योदय योजना : मुख्य तथ्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में किसान सूर्योदय योजना लांच की। इस योजना का उद्देश्य सिंचाई के लिए दिन के दौरान बिजली आपूर्ति प्रदान करना है।

मुख्य बिंदु

इस योजना के तहत, किसानों को सुबह 5 बजे से 9 बजे के बीच बिजली की आपूर्ति का लाभ दिया जाएगा। इस योजना को लागू करने के लिए, गुजरात सरकार ने 3,500 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। ये फंड 2023 तक ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित करने में मदद करेंगे। इस योजना के तहत लगभग 234 ट्रांसमिशन लाइनें स्थापित की जाएँगी। प्रत्येक लाइन 66 किलोवाट की बिजली ले जाने में सक्षम है। इनकी कुल लंबाई 3,490 किलोमीटर होगी। इसके अलावा, अतिरिक्त 220 केवी सबस्टेशन स्थापित किए जायेंगे।

किसान सूर्योदय परियोजना के साथ, पीएम मोदी ने दो अन्य परियोजनाओं को भी लांच। उन्होंने जूनागढ़ जिले के गिरनार में एक रोपवे का उद्घाटन किया। साथ ही, उन्होंने यू.एन. मेहता हार्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट का उद्घाटन किया।

बिजली सिंचाई में कैसे मदद कर सकती है?

भारतीय अर्थव्यवस्था का अधिकांश भाग कृषि पर निर्भर है। 1990 और 2000 के बीच, कृषि की विकास दर स्थिर थी। बाद में नवीन कृषि तकनीकों के एकत्रीकरण और प्रसार से कृषि की विकास दर में भी सुधार हुआ। यह मुख्य रूप से बिजली की आपूर्ति के कारण था। वर्तमान में भूजल सिंचाई पूरी तरह से बिजली पर निर्भर है।

टपकन सिंचाई (Drip irrigation)

आज भी कई जगहों पर फ्लड इरीगेशन का उपयोग करते हैं क्योंकि ड्रिप इरीगेशन के लिए बिजली की आवश्यकता होती है। दूसरी ओर, ड्रिप इरीगेशन  से बिजली की खपत में 45% की बचत होती है। आज ड्रिप सिंचाई महाराष्ट्र और तमिलनाडु राज्य में व्यापक रूप से लागू है।

Advertisement

Month:

Categories:

Tags: , , ,