केंद्र सरकार ने दिल्ली-गाज़ियाबाद-मेरठ क्षेत्रीय तीव्र परिवहन प्रणाली को मंज़ूरी दी

केंद्र सरकार ने दिल्ली-गाज़ियाबाद-मेरठ क्षेत्रीय तीव्र परिवहन प्रणाली (RRTS) को मंज़ूरी दे दी है। दिल्ली-गाज़ियाबाद-मेरठ क्षेत्रीय तीव्र परिवहन प्रणाली (RRTS) से राष्ट्रीय राजधानी को मेरठ के द्वारा गाज़ियाबाद से जोड़ा जायेगा। इसका निर्माण 30,274 करोड़ रुपये से किया जायेगा।  इस RRTS की सहायता से 82 किलोमीटर की दूरी को हाई स्पीड तथा ग्रीन पब्लिक ट्रांजिट की सहायता से 60 मिनट से कम समय में तय किया जा सकता है।

इस परयोजना पर स्पेशल पर्पज व्हीकल राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन कारपोरेशन (NCRTC) द्वारा कार्य किया जायेगा, इस प्रोजेक्ट पर केंद्र तथा राज्य मिलकर सामान योगदान के साथ कार्य करेंगे।

तीव्र परिवहन प्रणाली (RRTS)

तीव्र परिवहन प्रणाली (RRTS) रेल बेस्ड हाई स्पीड क्षेत्रीय परिवहन प्रणाली है। भारत में इसका क्रियान्वयन पहली बार नई दिल्ली-मेरठ के बीच में किया जायेगा। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में यात्रा के लिए तीव्रतम, आरामदायक तथा सुरक्षित साधन प्रदान करना है। इस RRTS की कुल लम्बाई 82.15 किलोमीटर है, इसमें से 68.03 किलोमीटर मार्ग एलिवेटेड तथा 14.12 किलोमीटर मार्ग भूमिगत है।

RRTS के लाभ

  • इससे प्रदूषण में कमी होगी तथा सड़क में जाम से से भी निजात मिलेगी। RRTS के कारण सडकों पर से 1 लाख वाहन कम हो जायेंगे।
  • यह क्षेत्रीय कनेक्टिविटी का कुशल मार्ग है।
  • तीव्र परिवहन के कारण आर्थिक-सामाजिक विकास में भी तीव्रता आएगी और आर्थिक गतिविधियों की रफ़्तार भी बढ़ेगी।
  • मोदीपुरम तथा मेरठ दक्षिण स्टेशन के बीच के क्षेत्र से मेरठ के स्थानीय नागरिकों की परिवहन की आवश्यकता भी पूरी हो जायेगी।

दिल्ली-गाज़ियाबाद-मेरठ RRTS कॉरिडोर इस प्रकार का प्रथम कॉरिडोर है। इसके अलावा प्रथम चरण में दो अन्य कॉरिडोर दिल्ली-गुरुग्राम-अलवर तथा दिल्ली-पानीपत कॉरिडोर भी निर्मित किये जायेंगे।

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