केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ‘टीबी हारेगा देश जीतेगा’ अभियान लांच किया

केन्द्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने 25 सितम्बर को ‘टीबी हारेगा देश जीतेगा’ अभियान लांच किया। इसका उद्देश्य देश से टीबी को समाप्त करना है। इस अभियान के तहत सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि टीबी से पीड़ित लोगों को सरकारी तथा निजी अस्पतालों में निशुल्क तथा उच्च गुणवत्ता युक्त उपचार उपलब्ध हो सके। संयुक्त राष्ट्र ने 2030 तक विश्व में टीबी को समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। जबकि भारत ने देश से टीबी को 2025 तक समाप्त करने का लक्ष्य रखा है।

क्षय रोग (टीबी)

क्षय रोग के फैलने का सबसे बड़ा कारण है इस बीमारी के प्रति लोगों में जानकारी का अभाव। टीबी (क्षय रोग) यानि ट्यूबरक्लोसिस एक संक्रामक रोग है, जो माइकोबैक्टिरीयम ट्यूबरक्यूलोसिस नाम के बैक्टीरिया की वजह से होता है। ये बीमारी हवा के जरिए एक इंसान से दूसरे में फैलती है। सबसे आम फेफड़ों की टीबी है लेकिन ये गर्भाशय, मुंह, लिवर, किडनी, गला,ब्रेन, हड्डी जैसे शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकती है। टीबी बैक्टीरिया शरीर के जिस भी हिस्से में होता है उसके टिश्यू को पूरी तरह से नष्ट कर देता है और उससे उस अंग का काम प्रभावित होता है।

टीबी के लक्ष्ण हैं :

खांसते समय बलगम में खून का आना,भूख में कमी, थकान और कमजोरी का एहसास, सीने में दर्द, बार बार खांसना, बुखार, गले में सूजन और पेट में गड़बड़ी का होना।

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