कोल इंडिया 2023-24 तक 500 परियोजनाओं पर 1.22 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगा

कोल इंडिया लिमिटेड कोयला निकासी, आधारभूत संरचना, परियोजना विकास, अन्वेषण और स्वच्छ कोयला प्रौद्योगिकियों से संबंधित 500 परियोजनाओं को विकसित करने के लिए 1.22 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगा।

मुख्य बिंदु

इस निवेश का उद्देश्य भारत को कोयले में आत्मनिर्भर बनाना है। यह 2023-24 तक 1 बिलियन टन का उत्पादन के लक्ष्य को हासिल करने में भी मदद करेगा। कोल इंडिया लिमिटेड को अगले तीन से चार वर्षों में 14, 200 करोड़ रुपये का निवेश करना है।

इस परियोजना में कोयले की कंप्यूटर एडेड लोडिंग तकनीक भी शामिल होगी। यह सड़क मार्ग से परिवहन की मौजूदा पद्धति को परिवर्तित करेगी।

क्या योजना है?

कोल इंडिया लिमिटेड ने 15 ग्रीन फील्ड प्रोजेक्ट की पहचान की है। इन परियोजनाओं को माइन डेवलपर और ऑपरेटर मॉडल के तहत संचालित किया जायेगा। इस मार्ग के माध्यम से लगभग 34,600 करोड़ रुपये का निवेश किया जायेगा।

आत्मनिर्भर भारत अभियान

इस योजना के अनुरूप, भारत में कोयले के वाणिज्यिक खनन में सुधारों की एक श्रृंखला शुरू की गई थी। पेश किए गए सुधार इस प्रकार हैं :

  • राजस्व बंटवारे के आधार पर निजी कंपनियों को कोल ब्लॉक दिए जायेंगे
  • राजस्व हिस्सेदारी में छूट के माध्यम से कोयला गैसीकरण को प्रोत्साहित किया जाएगा
  • कोल बेड मीथेन निष्कर्षण को कोल इंडिया की कोयला खदानों से नीलाम किया जायेगा

भारत में कोयला क्षेत्र

भारत में दुनिया का चौथा सबसे बड़ा कोयला भंडार है। फिर भी भारत ने 2019 में 235 मिलियन टन का आयात किया। नए निवेश को आकर्षित करने के लिए, भारत सरकार पिछले कुछ महीनों से कोयला क्षेत्र का उदारीकरण कर रही है।

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