गगनयान मिशन के लिए इसरो श्रीहरिकोटा में तीसरा लांच पैड तैयार कर रहा है

भारतीय अन्तरिक्ष अनुसन्धान संगठन आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में गगनयान अभियान के लिए तीसरे लांच पैड को तैयार कर रहा है। वर्तमान में इसरो के पास दो लांच पैड हैं, तीसरे लांच पैड का उपयोग मानव सहित अन्तरिक्ष उड़ान के लिए किया जायेगा। इसके अलावा इसरो गुजरात के निकट पश्चिमी तट पर स्माल सैटेलाइट लांच व्हीकल पैड बनाने के लिए उपयुक्त स्थान की तलाश कर रहा है।

स्माल सैटेलाइट लांच व्हीकल

छोटे सैटेलाइट्स को कम लागत पर लांच करने के लिए SSLV (स्माल सैटेलाइट लांच व्हीकल) विकसित कर रहा है। SSLV से छोटे सैटेलाइट्स को लांच करने के लगने वाले समय व लागत में कमी आएगी। वर्तमान समय में छोटे सैटेलाइट्स के लांच का ट्रेंड काफी प्रचलन में है। वर्तमान में इसरो छोटे सैटेलाइट्स को बड़े सैटेलाइट्स के साथ PSLV और GSLV जैसे बड़े लांच व्हीकल में ही लांच करता है।

मिशन गगनयान

इस मिशन को 2022 में लांच किया जायेगा। इस मिशन में तीन अन्तरिक्ष यात्रियों को अन्तरिक्ष में भेजा जायेगा। यह इसरो का पहला मानव मिशन होगा। यदि यह मिशन सफल रहता है तो भारत अमेरिका, रूस और चीन के बाद अन्तरिक्ष में मानव भेजने वाला विश्व का चौथा देश बन जायेगा। राकेश शर्मा प्रथम भारतीय अन्तरिक्ष यात्री थे, वे सोवियत संघ के सोयुज़ टी-11 अभियान के सदस्य थे। वह मिशन 2 अप्रैल, 1984 को लांच किया गया था। गगनयान मिशन की लागत लगभग 10,000 करोड़ रुपये आएगी। यह मिशन पूर्ण रूप से स्वदेशी होगा। इस मिशन के वास्तविक लांच से पहले इसरो बिना मानव के दो मिशन लांच करेगा, पहला मिशन 30 महीने में तथा दूसरा मिशन 36 महीने बाद लांच किया जायेगा।

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