ग्रामीण विकास मंत्री की अध्यक्षता में केंद्रीय रोजगार गारंटी परिषद की बैठक आयोजित की गयी

2 जून, 2020 को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने केंद्रीय रोजगार गारंटी परिषद की 21वीं बैठक की अध्यक्षता की ।

मुख्य बिंदु

इस बैठक के दौरान, इस बात पर प्रकाश डाला गया कि भारत सरकार ने सिंचाई और जल संरक्षण के लिए संपत्ति (assets) बनाई है। इसके अलावा, मनरेगा के तहत कृषि की मदद के लिए व्यक्तिगत संपत्ति बनाई गई है। COVID -19 के दौरान मनरेगा को सर्वाधिक धनराशी आवंटित की गई थी। भारत सरकार ने लगभग 61,500 रुपये आवंटित किए हैं। साथ ही, आत्म निर्भर भारत अभियान के तहत 40,000 रुपये की अतिरिक्त राशि आवंटित की गई थी।

केंद्रीय रोजगार गारंटी परिषद

यह परिषद मनरेगा की निगरानी और मूल्यांकन करती है। यह योजना के कार्यान्वयन के बारे में भारत सरकार को सलाह भी देती है। यह अधिनियम के कार्यान्वयन के बारे में वार्षिक रिपोर्ट भी तैयार करती है। अधिनियम इस परिषद को वर्ष में कम से कम दो बार अनिवार्य रूप से बैठक करने की अनुमति देता है।

CEGC का नेतृत्व ग्रामीण विकास मंत्री करते हैं। इसमें आधिकारिक और गैर-आधिकारिक दोनों सदस्यों शामिल होते हैं।

कानून

यह बैठक महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) की धारा 10 के तहत आयोजित की गई थी। अधिनियम के तहत 261 अनुमेय कार्य हैं। इनमें से 164 कार्य कृषि और संबद्ध गतिविधियों से संबंधित हैं।

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