चंद्रयान-2 ने चंद्रमा की कक्षा में  एक वर्ष पूरा किया

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने 20 अगस्त को कहा कि भारत के दूसरे चंद्र अभियान चंद्रयान -2 ने चंद्रमा की कक्षा में एक वर्ष पूरा कर लिया है। इसरो के अनुसार, वर्तमान में चंद्रयान -2 के सभी उपकरण अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।

मुख्य बिंदु

इसरो ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि चंद्रयान -2 को सात और वर्षों तक चालू रखने के लिए ईंधन पर्याप्त है।

ऑर्बिटर ने चंद्रमा के चारों ओर 4,400 से अधिक परिक्रमाएं पूरी कीं। हालांकि, पिछले वर्ष सॉफ्ट-लैंडिंग का प्रयास सफल नहीं हुआ था, लेकिन ऑर्बिटर को सफलतापूर्वक चंद्र कक्षा में रखा गया था।

एजेंसी ने यह भी दावा किया है कि ऑर्बिटर को 100 +/- 25 कि.मी. ध्रुवीय कक्षा में रखा जा रहा है।

चंद्रयान -2 को चन्द्रमा की सतह की रासायनिक संरचना, स्थलाकृति, तापीय-भौतिक विशेषताओं, खनिज विज्ञान और वातावरण के विस्तृत अध्ययन के माध्यम से चंद्रमा के बारे में जानकारी बढ़ाने के लिए लॉन्च किया गया था।

चंद्रयान -2

भारत का दूसरा चंद्र मिशन, चंद्रयान -2, 22 जुलाई, 2019 को आंध्र प्रदेश के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया गया था और 20 अगस्त, 2019 को इसे चंद्रमा की चंद्र कक्षा में डाला गया था। पहला चंद्र मिशन चंद्रयान -1 था जो इसरो द्वारा अक्टूबर 2008 में शुरू किया गया था और अगस्त 2009 तक संचालित किया गया था।

Advertisement

Month:

Categories:

Tags: , , , , ,