चाबहार बंदरगाह प्रोजेक्ट पर भारत, ईरान और अफ़ग़ानिस्तान के बीच पहली त्रिपक्षीय बैठक का आयोजन किया गया

भारत, ईरान और अफ़ग़ानिस्तान के बीच चाबहार प्रोजेक्ट पर पहली बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का आयोजन ईरान की राजधानी तेहरान में किया गया। भारत, ईरान तथा अफ़ग़ानिस्तान के बीच मई, 2016 में चाबहार बंदरगाह परिवहन कॉरिडोर के सम्बन्ध में समझौते पर हस्ताक्षर किये गये थे।

बैठक के मुख्य बिंदु

इस बैठक में चाबहार बंदरगाह से अंतर्राष्ट्रीय माल-परिवहन के ऑपरेशनलाइजेशन के लिए तीनों देशों के बीच व्यापक चर्चा हुई। चाबहार बंदरगाह के कार्य शुरू करने से कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा तथा अफ़ग़ानिस्तान के विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। इस बैठक में चाबहार बंदरगाह के लिए एक समिति की स्थापना करने पर भी सहमती प्रकट की गयी, इस समिति की बैठक अगले दो महीनों में आयोजित की जाएगी। यह समिति चाबहार बंदरगाह के ट्रांजिट, सड़क, सीमाशुल्क तथा अन्य मुद्दों पर प्रोटोकॉल को अंतिम रूप देने के कार्य करेगी। इसके अतिरिक्त समन्वय समिति की अगली बैठक 2019 में भारत में आयोजित की जाएगी।

चाबहार बंदरगाह

चाबहार बंदरगाह ईरान के दक्षिणी तट पर स्थित है, यह बंदरगाह सामरिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है। यह बंदरगाह चीन द्वारा पाकिस्तान में निर्मित ग्वादर बंदरगाह से केवल 100 नॉटिकल मील दूर स्थित है। भारत ने सर्वप्रथम 2003 में चाबहार बंदरगाह के विकास का प्रस्ताव रखा था। अफ़ग़ानिस्तान तथा मध्य एशिया तक पहुँच बनाने के लिए यह बंदरगाह भारतीय के लिए ‘सुनहरा द्वार’ है। फरवरी, 2018 चाबहार के पहले चरण (शाहिद बेहेश्ती) के क्रियान्वयन के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किये गये थे। इस समझौते के तहत इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड नामक भारतीय कंपनी चाबहार बंदरगाह का अंतरिम प्रभार अपने हाथ में लेगी।

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