चीन के साथ व्यापार घाटे में महत्वपूर्ण गिरावट दर्ज की गयी

15 अप्रैल, 2020 को गलवान घाटी संघर्ष के बाद से भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव काफी अधिक बढ़ गया है। इसके बाद से चीनी माल और उत्पादों के लिए बहिष्कार की मांग तेज़  हो गयी है।

हालांकि, इससे पहले से ही वित्तीय वर्ष 2019-20 के दौरान चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा कम हुआ है। देश में चीनी वस्तुओं और उत्पादों के बहिष्कार के आह्वान के साथ, व्यापार घाटा चालू वित्त वर्ष में बड़ी गिरावट की संभावना है।

वित्त वर्ष 2019-20 में भारत-चीन व्यापार

भारत ने पिछले वित्त वर्ष में चीन से आयात में कमी की है, चीन से भारत द्वारा 65.26 बिलियन अमरीकी डालर का आयात किया गया, जबकि चीन को 16.6 बिलियन अमरीकी डॉलर का निर्णय किया गया था। इसके साथ वित्त वर्ष 2019-20 में चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा 48.66 बिलियन डॉलर हो गया है। वित्त वर्ष 2018-19 में चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा 53.56 बिलियन अमरीकी डॉलर था।

चीन के साथ भारत का सर्वाधिक रिकॉर्ड व्यापार घाटा वित्त वर्ष 2017-18 में 63 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया था। वित्त वर्ष 2017-18 में, दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार ने 84.4 बिलियन अमरीकी डालर का सर्वकालिक रिकॉर्ड दर्ज किया था।

वित्त वर्ष 2019-20 में चीन से भारत में एफडीआई में गिरावट

वित्त वर्ष 2019-20 में चीन से भारत के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में भी गिरावट आई है। वित्त वर्ष 2019-20 में चीन से भारत को 163.78 मिलियन डॉलर का FDI प्राप्त हुआ  था, जबकि वित्त वर्ष 2018-19 में यह 229 मिलियन डॉलर था।

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