जनवरी 2020 तक तैयार हो जायेगा NATGRID

रियल टाइम डाटा के साथ संदिग्ध आतंकियों को ट्रैक करने तथा आतंकी हमलों को रोकने के लिए  नेशनल इंटेलिजेंस ग्रिड (NATGRID) की स्थापना का कार्य तीव्र कर दिया गया है। हाल ही में केन्द्रीय गृह मंत्री ने NATGRID परियोजना की समीक्षा की थी। जनवरी, 2020 तक NATGRID के शुरू होने के आसार हैं।

NATGRID क्या है?

नेशनल इंटेलिजेंस ग्रिड (NATGRID) एक शक्तिशाली इंटेलिजेंस एकत्रीकरण मैकेनिज्म है। इस परियोजना की लागत लगभग 3400 करोड़ रुपये है, इसकी परिकल्पना 26 /11 मुंबई आतंकी हमले के बाद की गयी थी।

NATGRID में आप्रवासन प्रवेश तथा प्रस्थान, हवाई यात्रा, क्रेडिट कार्ड के खरीददारी, बैंकिंग तथा वित्तीय लेनदेन, कर दाता, दूरसंचार तथा ट्रेन यात्रियों से सम्बंधित डाटा एकत्रित होगा।

NATGRID के डाटा रिकवरी केन्द्र का निर्माण बंगलुरु में किया गया है, जबकि इसके मुख्यालय के निर्माण दिल्ली में लगभग पूरा हो चुका है।

पहले चरण में NATGRID में 10 यूजर एजेंसियां तथा 21 सर्विस प्रोवाइडर शामिल होंगे। बाद में इसमें 950 संगठन इसमें जोड़े जायेंगे।

10 एजेंसियां जो NATGRID से रियल टाइम बेसिस पर डाटा प्राप्त कर सकती हैं :

  1. इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB)
  2. रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW)
  3. केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI)
  4. प्रवर्तन निदेशालय (ED)
  5. राजस्व इंटेलिजेंस निदेशालय (DRI_
  6. फाइनेंसियल इंटेलिजेंस यूनिट (FIU)
  7. केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT)
  8. सेंट्रल बोर्ड ऑफ एक्साइज एंड कस्टम्स (CBEC)
  9. डायरेक्टर जनरल ऑफ़ सेंट्रल एक्साइज एंड इंटेलिजेंस (DGCEI)
  10. नारकोटिक्स कण्ट्रोल बोर्ड (NCB)

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