जन शिक्षण संस्थानों के लिए नए नियम जारी किये गये

केन्द्रीय कौशल विकास व उद्यमशीलता मंत्रालय ने जन शिक्षण संस्थानों के लिए नए दिशानिर्देश जारी किये हैं। इसका उद्देश्य जन शिक्षण संस्थानों को और अधिक उपयोगी बनाना है। जन शिक्षण संस्थानों के लिए नए दिशानिर्देश निम्नलिखित हैं :

  • प्रशिक्षण को मानकीकृत बनाने के लिए जन शिक्षण संस्थान के कोर्स तथा पाठ्यक्रम को राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क के मुताबिक तैयार किया जायेगा।
  • जिला प्रशासन को जवाबदेही तथा स्वतंत्रता प्रदान करने के लिए शक्तियों का विकेंद्रीकरण।
  • जिले में कौशल विकास के द्वारा परंपरागत कौशल को चिन्हित करना तथा उन्हें बढ़ावा देना।
  • सरल ऑनलाइन सर्टिफिकेशन
  • जवाबदेही तथा पारदर्शिता बनाये रखने के लिए जन शिक्षण संस्थान को सार्वजनिक वित्त प्रबंधन प्रणाली से जोड़ना।
  • जन शिक्षण संस्थान को आजीविका से जोड़ना।
  • राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों के द्वारा प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण देना।

जन शिक्षण संस्थान

जन शिक्षण की स्थापना अनपढ़, नए पढ़े लिखे तथा स्कूल ड्राप-आउट्स को व्यावसायिक शिक्षा प्रदान करने के लिए की गयी है। जन शिक्षण संस्थान का स्कोप निम्नलिखित हैं :

  • व्यवसायिक प्रशिक्षण के लिए उचित पाठ्यक्रम तथा ट्रेनिंग मोड्यूल तैयार करना।
  • व्यस्क शिक्षा निदेशालय, राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय संस्थान तथा रोज़गार व प्रशिक्षण महानिदेशक के सामानांतर कोर्स का निर्माण।
  • प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए मास्टर ट्रेनर को प्रशिक्षण प्रदान करना।
  • सामान्य परीक्षाओं का आयोजन तथा प्रमाण पत्र प्रदान करना।
  • प्रशिक्षण लेने वाले लोगों की प्लेसमेंट के लिए रोज़गार दाताओं के साथ समझौते करना।

शुरू में जन शिक्षण संस्थान केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधीन थे, अब यह केन्द्रीय कौशल विकास व उद्यमशीलता मंत्रालय के अधीन हैं। केन्द्रीय कौशल विकास तथा उद्यमशीलता मंत्रालय ने http://www.jss.gov.in नाम वेबसाइट शुरू की है, इस वेबसाइट में विभिन्न किस्म की जानकारी उपलब्ध होगी।

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