जल जीवन मिशन के तहत जल आपूर्ति का मापन व  निगरानी

भारत सरकार ने जल जीवन मिशन, डिजिटल इंडिया, आत्म निर्भर भारत अभियान और मेक इन इंडिया के तहत स्मार्ट ग्रामीण जल आपूर्ति प्रणाली प्रदान करने का निर्णय लिया है। जल जीवन मिशन देश में 2024 तक प्रत्येक ग्रामीण परिवार को स्वच्छ नल जल कनेक्शन प्रदान करने के उद्देश्य से कार्यान्वित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत, 55 लीटर पानी प्रति दिन दीर्घकालिक आधार पर प्रदान किया जायेगा।

मुख्य बिंदु

पानी समिति के माध्यम से स्मार्ट माप और निगरानी का संचालन किया जायेगा।

पानी समिति क्या है?

जल जीवन मिशन को राष्ट्रीय स्तर, राज्य स्तर, जिला स्तर और ग्राम स्तर की समितियों के तहत कार्यान्वित किया जा रहा है। पानी समिति ग्राम स्तर या ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित होती है। इसमें 10-15 सदस्य होते हैं। इस समिति का 25% पंचायत के निर्वाचित सदस्यों से होगा,  इसमें 50% महिलाएं होनी चाहिए और 25% सदस्य गाँव के कमजोर वर्गों के सदस्य हो सकते हैं।

पृष्ठभूमि

संविधान का 73वां संशोधन ग्राम पंचायतों को पेयजल आपूर्ति का प्रबंधन करने की अनुमति देता है। पानी समिति जल सेवाओं के मापन और निगरानी की एक स्वचालित प्रणाली की सुविधा प्रदान करेगी।

भारत सरकार अब सभी गांवों को फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क द्वारा जोड़ने की योजना को लागू कर रही है। इससे जल जीवन मिशन को ग्रामीण क्षेत्रों में स्मार्ट पेयजल आपूर्ति प्रणाली को लागू करने में मदद मिलेगी।

गुजरात ने 1,000 गांवों में सेंसर आधारित ग्रामीण जल आपूर्ति प्रणाली को लागू करने का कार्य शुरू कर दिया है। यह पानी की कमी को कम करेगा और लंबी अवधि के आधार पर पानी की आपूर्ति की मात्रा और गुणवत्ता की निगरानी में भी मदद करेगा।

योजना क्या है?

गाँव स्तर की स्मार्ट प्रणालियाँ डेटा एकत्र करेंगी और इसे जिला को भेजा जाएगा, जिलों राज्यों को और राज्यों को राष्ट्रीय स्तर की समिति को डाटा भेजेंगी। इससे मांग पैटर्न का विश्लेषण करने में मदद मिलेगी।

जल जीवन मिशन

यह मिशन 2019 में शुरू किया गया था। पीएम मोदी ने लाल किले में अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण के दौरान इस मिशन का शुभारंभ किया।

Advertisement

Month:

Categories:

Tags: , , , ,