तेलंगाना के तेलिया रुमाल और झारखंड की सोहराई खोवर पेंटिंग को GI टैग प्रदान किया गया

भारत सरकार ने हाल ही में तेलंगाना के तेलिया रुमाल और झारखंड की सोहराई खोवर पेंटिंग को जीआई टैग प्रदान किया।

मुख्य बिंदु

झारखंड की सोहराई खोवर पेंटिंग के लिए आवेदन सोहराई कला महिला विकास सहयोग समिति द्वारा किया गया था। तेलंगाना के तेलिया रुमाल के लिए आवेदन पुट्टपका हैंडलूम क्लस्टर के कंसोर्टियम द्वारा किया गया था।

सोहराई खोवर पेंटिंग

यह पेंटिंग झारखंड में स्थानीय आदिवासी महिलाओं द्वारा बनाई जाती है। यह एक पारंपरिक और अनुष्ठानिक भित्ति कला है। यह चित्रकला केवल हजारीबाग के जिलों में प्रचलित है। यह केवल शादी और फसल के मौसम के दौरान बनायी जाती है। इसके लिए आदिवासी महिलाएं विभिन्न रंगों की प्राकृतिक रूप से उपलब्ध मिट्टी का उपयोग करती हैं।

तेलिया रूमाल

तेलिया रुमाल कपास के कपड़े पर जटिल हस्तनिर्मित काम से बनाया जाता है। यह पारंपरिक हथकरघा प्रक्रिया का उपयोग करके बनाया जाताहै। यह प्रक्रिया जटिल है और केवल पारंपरिक हथकरघा प्रक्रियाओं के माध्यम से बनाई जा सकती है। यह डिजाइन तीन विशेष रंगों में बनाए जाते हैं। इसमें लाल, सफेद और काले रंग शामिल हैं।

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