नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ़ बोडोलैंड (NDFB) क्या है?

केंद्र सरकार असम बेस्ड उग्रवादी समूह नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ़ बोडोलैंड (NDFB) पर प्रतिबन्ध को पांच वर्ष तक बढ़ा दिया है। NDFB पर हत्या, अवैध वसूली तथा भारत-विरोधी बलों के साथ शामिल होने का आरोप है। 1990 के दशक में NDFB को गैर-कानूनी संगठन घोषित किया गया था।

NDFB पर प्रतिबन्ध क्यों लगाया गया है?

केन्द्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में गैर-कानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम, 1967 के सेक्शन 3 के सब-सेक्शन (1) के तहत प्रतिबन्ध लगाया गया है। NDFB गैर-कानूनी तथा हिंसक गतिविधियों में शामिल रहा है, यह भारत की क्षेत्रीय स्वायत्तता को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से कार्य कर रहा था। इसका उद्देश्य अलग बोडोलैंड की स्थापना करना है। जनवरी, 2015 से NDFB 62 हिंसक घटनाओं में शामिल रहा, जिसमे 19 नागरिकों तथा 55 उग्रवादियों की मृत्यु हुई। इसके अलावा 450 से अधिक उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया तथा उनसे 444 हथियार प्राप्त हुए।

नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ़ बोडोलैंड (NDFB)

नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ़ बोडोलैंड (NDFB) का गठन 1986 में हुआ था, इसका उद्देश्य बोडो लोगों के लिए स्वतंत्र बोडोलैंड की स्थापना करना है। यह बहुत सी अवैध तथा हिंसक गतिविधियों  में शामिल रहा है। NDFB लोगों में आतंक फैलाने तथा अवैध वसूली जैसे कार्यों में संलग्न है। NDFB पर असम के गैर-बोडो लोगों की हत्या तथा उनकी संपत्ति को नष्ट करने का आरोप है।

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