न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल बने राष्ट्रीय हरित अधिकरण के अध्यक्ष

मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (ACC) ने न्यायमूर्ति ए. के. गोयल को राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के नए अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया है. वे पाँच साल के कार्यकाल या 70 वर्ष की आयु प्राप्ति तक इस पद को संभालेंगे. इस पद पर नियुक्ति से पहले ए. के. गोयल सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में सेवारत्त थे.

न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल

न्यायमूर्ति ए. के. गोयल ने वर्ष 1974 में वकालत के क्षेत्र में कदम रखा. उन्होंने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में 5 सालों तथा सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली उच्च न्यायालय में 22 सालों तक अभ्यास किया. सितंबर 2011 में गुवाहाटी उच्च न्यायालय में उनका स्थानांतरण होने से पहले उन्हें वर्ष 2001 में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था. बाद में उन्हें अक्टूबर 2013 में उड़ीसा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में स्थानांतरित कर दिया गया. तथा जुलाई 2014 में उन्हे सर्वोच्च न्यायालय के न्यायधीश के रूप में नियुक्त किया गया.

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT)

पर्यावरण संरक्षण, वनों और अन्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से संबंधित मामलों के प्रभावी और शीघ्र निपटान के लिए राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल अधिनियम, 2010 के तहत वर्ष 2010 में एनजीटी की स्थापना की गयी थी. यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 से प्रेरित है, जो भारत के नागरिकों को स्वस्थ वातावरण का अधिकार प्रदान करता है. एनजीटी को प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों द्वारा निर्देशित किया जाता है. इसमें पूर्णकालिक अध्यक्ष के रूप में भारत के सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश या उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, न्यायिक सदस्य और विशेषज्ञ सदस्य शामिल होते हैं. प्रत्येक श्रेणी में निर्धारित न्यायिक और विशेषज्ञ सदस्य की न्यूनतम संख्या 10 है तथा प्रत्येक श्रेणी में अधिकतम संख्या 20 होती है.

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