बांग्देलादेश के वैज्ञानिकों ने जूट के रेशे को कम लागत वाली बायोडिग्रेडेबल सेल्यूलोस शीट में परिवर्तित करने का तरीका विकसित किया

बांग्लादेश के वैज्ञानिकों ने जूट के रेशे को कम लागत वाली बायोडिग्रेडेबल सेल्यूलोस शीट में परिवर्तित करने का तरीका विकसित किया। इस बायोडिग्रेडेबल शीट को “सोनाली” नाम दिया गया है।

भारत के बाद बांग्लादेश विश्व का दूसरा सबसे बड़ा जूट उत्पादक देश है।

इसका उपयोग सामान को लपेटने तथा कैरी बैग के रूप में किया जा सकता है। यह एको फ्रेंडली पाली बैग कपड़े तथा खाद्य पदार्थ की पैकेजिंग के लिए उपयोग किये जा सकते हैं, इससे मानव स्वास्थ्य को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होता। इस वर्ष के अंत तक इन बैग्स का वाणिज्यिक उत्पादन शुरू हो जायेगा। इन बैग्स के उत्पादन में मुख्य चुनौती उच्च उत्पादन लागत है, इन बैग्स की उत्पादन लागत पॉलिथीन बैग्स से लगभग दुगनी है। परन्तु बड़े पैमाने पर उत्पादन किये जाने के बाद लागत कम हो जाएगी।

 

Advertisement

Month:

Categories:

Tags: , , ,