भारत और अर्जेंटीना ने नाभिकीय उर्जा में सहयोग के लिए MoU पर हस्ताक्षर किये

अर्जेंटीना के राष्ट्रपति मौरिशियो मैक्री की भारत के यात्रा के दौरान भारत और अर्जेंटीना ने नाभिकीय उर्जा के क्षेत्र में सहयोग के लिए MoU पर हस्ताक्षर किये। इस MoU पर भारत के परमाणु उर्जा विभाग तथा अर्जेंटीना के राष्ट्रीय परमाणु उर्जा आयोग ने हस्ताक्षर किये।

MoU की विशेषताएं

  • छोटी क्षमता के सयंत्र बनाने में अर्जेंटीना के पास काफी दक्षता है, अब अर्जेंटीना और भारत साथ मिलकर किसी तीसरे देश में त्रिपक्षीय परियोजना पर कार्य सकते हैं।
  • नाभिकीय उर्जा पार्टनरशिप के लिए वैश्विक केंद्र (GCNEP) के फ्रेमवर्क के भीतर सहयोग के लिए MoU के द्वारा नागरिक नाभिकीय अनुसन्धान, विकास व क्षमता निर्माण को बढ़ावा मिलेगा
  • इस MoU के द्वारा नाभिकीय उर्जा तथा स्वास्थ्य, कृषि, औद्योगिक उपयोग, प्रशिक्षण तथा क्षमता निर्माण में इसके सामाजिक उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।

भारत तथा अर्जेंटीना के बीच नाभिकीय सम्बन्ध

भारत और अर्जेंटीना के बीच 2010 में शांति उद्देश्य के उपयोग के लिए नाभिकीय उर्जा पर समझौता हुआ था। INVAP एक अर्जेंटीना की कंपनी है, यह कंपनी मुंबई में मोलिबडेनम प्लांट में फिशन मोली परियोजना पर कार्य कर रही है। इस प्लांट में प्रमुख रूप आइसोटोप के निर्माण पर कार्य किया जा रहा है। अर्जेंटीना भारतीय उर्जा सयंत्रों के लिए नाभिकीय तत्त्व भी निर्यात करता है।

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