भारत और चीन के राजनयिक संबंधों के 70 वर्ष पूरे हुए

भारत और चीन ने COVID-19 महामारी के कारण अपने राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ मनाने के लिए निर्धारित सभी इवेंट्स को स्थगित कर दिया है। हालांकि दोनों देशों के नेताओं ने बधाई संदेशों का आदान-प्रदान किया।

मुख्य बिंदु

भारत एशिया का पहला गैर-साम्यवादी देश था जिसने पीपल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के साथ राजनयिक संबंध स्थापित किए। आज सीमा मुद्दों जैसी समस्याओं के बावजूद दोनों देशों के मजबूत व्यापारिक संबंध हैं। 2019 में भारत-चीन व्यापार 90.1 बिलियन अमरीकी डॉलर तक पहुंच गया था। इसके अलावा, भारत चीन पर भारतीय दवाइयों और आईटी कंपनियों के लिए अपने बाजार खोलने का दबाव बना रहा है। यह चीन के साथ 57 बिलियन अमरीकी डालर के व्यापार घाटे को कम करने के लिए किया जा रहा है।

अनौपचारिक शिखर सम्मेलन

नवंबर 2019 में 70 साल के राजनयिक संबंधों की स्मृति को मनाने के लिए दोनों  देश 70 गतिविधियों को अंतिम रूप देने के लिए सहमत हुए। यह निर्णय राष्ट्रपति शी जिंग पिंग और प्रधानमंत्री मोदी के दूसरे अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के दौरान लिया गया था। 70 प्रसिद्ध गतिविधियों में व्यापार संवर्धन कार्यक्रम, सैन्य आदान-प्रदान और सांस्कृतिक और धार्मिक गतिविधियां शामिल थीं।

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