भारत-रूस संयुक्त प्रौद्योगिकी मूल्यांकन और त्वरित व्यावसायीकरण कार्यक्रम

विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) ने हाल ही में भारत-रूस संयुक्त प्रौद्योगिकी मूल्यांकन और त्वरित व्यावसायीकरण कार्यक्रम शुरू किया है। यह कार्यक्रम FICCI (फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री) और FASIE (फाउंडेशन फॉर असिस्टेंस टू स्मॉल इनोवेटिव एंटरप्राइजेज) के साथ साझेदारी में शुरू किया गया था।

मुख्य बिंदु

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रौद्योगिकियों के विकास के लिए भारत और रूस के स्टार्टअप्स और एसएमई को जोड़ना है जो कल के लिए समाधान प्रदान करेंगे। इसके अलावा, कार्यक्रम का उद्देश्य विश्व स्तर पर सामाजिक चुनौतियों का समाधान करना है।

कार्यक्रम के बारे में

कार्यक्रम दो वार्षिक चक्र चलाएगा। हर चक्र के तहत लगभग 5 परियोजनाओं को वित्त पोषित किया जायेगा। परियोजनाओं में दवाओं, फार्मास्यूटिकल्स, नवीकरणीय ऊर्जा, आईटी और आईसीटी पर ध्यान केंद्रित किया जायेगा। कार्यक्रम प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और साझेदारी परियोजनाओं के तहत एप्लीकेशन स्वीकार कर रहा है।  कार्यक्रम को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए, http://www.indiarussiainnovate.org नामक एक समर्पित पोर्टल विकसित किया गया है।

फिक्की

FICCI की स्थापना 1927 में महात्मा गांधी की सलाह पर पुरुषोत्तमदास ठाकुरदास और जीडी बिड़ला द्वारा की गई थी। यह एक गैर-लाभकारी संगठन है। फिक्की का मुख्यालय नई दिल्ली में है। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 25,00 कंपनियां फिक्की के साथ पंजीकृत हैं।

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