भारत सरकार ने ऐतिहासिक बोडो समझौते पर हस्ताक्षर किये

27 जनवरी, 2020 को भारत सरकार ने ऐतिहासिक बोडो समझौते पर हस्ताक्षर किये, यह समझौते नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ़ बोडोलैंड (NDFB) के 9 धड़ों के साथ हुआ है। इस समझौते के अनुसार बोडोलैंड टेरीटोरियल एरिया डिस्ट्रिक्ट में स्थानीय लोगों के लिए विशेष अधिकार होंगे। इस क्षेत्र में बाहरी लोगों को काम करने के लिए परमिट हासिल करना होगा।

मुख्य बिंदु

इस समझौते से असम में रहने वाले बोडो लोगों को राजनीतिक अधिकार प्राप्त होंगे। इस समझौते पर केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह, असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल और NDFB के नेताओं की उपस्थिति में हस्ताक्षर किये गये।

बोडो समझौता – बोडोलैंड टेरीटोरियल एरिया डिस्ट्रिक्ट

पिछले 27 वर्षों में तीन समझौतों पर हस्ताक्षर किये जा चुके हैं। पहली बार 1993 में आल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किये गये थे। दूसरी बार बोडो लिबरेशन टाइगर्स के साथ 2003 में हस्ताक्षर किये गये थे। तीसरे समझौते के कारण संविधान की 6वीं अनुसूची के तहत बोडोलैंड टेरीटोरियल कौंसिल का गठन किया गया। बोडोलैंड टेरीटोरियल कौंसिल असम के चार जिलों चिरांग, कोकराझार, बास्का और उदलगुड़ी में प्रशासन का कार्य करता है। इन क्षेत्रों को बोडोलैंड टेरीटोरियल एरिया डिस्ट्रिक्स कहा जाता है।

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