मद्रास उच्च न्यायालय ने वेल्लोर में मतदान को रद्द किये जाने के फैसले को बरकरार रखा

मद्रास उच्च न्यायालय ने वेल्लोर में मतदान को रद्द किये जाने के फैसले के विरुद्ध दायर दो याचिकाओं को को ख़ारिज कर दिया है। यह याचिकाएं AIADMK उम्मीदार ए.सी. शनमुगम तथा स्वतंत्र उमीदवार के. सुगुमार द्वारा दायर की गयी थी, इन याचिकाओं में 18 अप्रैल को ही मतदान करवाए जाने की अपील की गयी थी।

पृष्ठभूमि

भारतीय चुनाव आयोग ने वेल्लोर लोकसभा सीट पर मतदान को रद्द करने के लिए राष्ट्रपति को सिफारिश भेजी थी, जिसे राष्ट्रपति ने स्वीकार कर लिया है। वेल्लोर में 18 अप्रैल, 2019 को मतदान किया जाना था। दरअसल हाल ही में वेल्लोर में DMK के उम्मीदवार के वेयरहाउस से 11.5 करोड़ रुपये की नकदी प्राप्त हुई थी। निर्वाचन आयोग ने इस धनराशी से चुनावों को प्रभावित किये जाने की आशंका से वेल्लोर में मतदान रद्द करने की सिफारिश की थी। गौरतलब है कि ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी लोकसभा क्षेत्र में मतदान को नकदी मिलने के कारण रद्द किया गया है। अब तक तमिलनाडु में 500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जब्त की जा चुकी है, इसमें 205 करोड़ रुपये नकद तथा शेष सोने के रूप में जब्त किया गया है।

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