मुंबई में किया गया विश्व सीमा शुल्क संगठन के नीति आयोग के 80वें सत्र का आयोजन

3 दिसम्बर, 2018 को विश्व सीमा शुल्क संगठन के नीति आयोग के 80वे सत्र का आयोजन महाराष्ट्र के मुंबई में किया गया। इसका आयोजन विश्व सीमाशुल्क संगठन द्वारा केन्द्रीय अप्रत्यक्ष कर तथा सीमाशुल्क बोर्ड के साथ मिलकर किया गया। इस सत्र में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व केन्द्रीय अप्रत्यक्ष कर तथा सीमाशुल्क बोर्ड के चेयरमैन एस. रमेश द्वारा किया गया। इस तीन दिवसीय इवेंट में 30 देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस सत्र में सीमाशुल्क से जुड़े हुए विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गयी। इस दौरान चर्चा के मुख्य बिंदु थे : व्यापार सहायता, अवैध वित्तीय परिचालन, प्रदर्शन माप, छोटे द्वीपीय राष्ट्रों की समस्याएं इत्यादि।

विश्व सीमा शुल्क संगठन

विश्व सीमा शुल्क संगठन स्वतंत्र अंतर्सरकारी संगठन है, इसका उद्देश्य शीमा शुल्क सम्बन्धी कार्य में कुशलता लाना है। इस संगठन की स्थापना 1952 में कस्टम्स को-ऑपरेशन कौंसिल के रूप में की गयी थी। विश्व सीमा शुल्क संगठन के मुख्यालय बेल्जियम के ब्रुसेल्स में स्थित है।

उद्देश्य

विश्व सीमा शुल्क संगठन का उद्देश्य सदस्य देशों को सीमा शुल्क सम्बन्धी कार्य में कुशलता प्राप्त करने में सहायता करना है, जिसके द्वारा सदस्य देश राष्ट्रीय विकास को लक्ष्य को प्राप्त कर सकें। इसके अतिरिक्त आधुनिक सीमा शुल्क व्यवस्था व विधियों को लागू करना व उनका प्रचार कर भी इसका प्रमुख कार्य है।

संगठन

विश्व सीमा शुल्क संगठन की कार्यशैली इसके सचिवालय पर निर्भर है, इसके अलावा विश्व व्यापार संगठन में कई तकनीकी व सलाहकार समितियां भी हैं। विश्व सीमा शुल्क संगठन में 100 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ तथा अन्य अधिकारी शामिल होता हैं। इस संगठन को 6 क्षेत्रों में बांटा गया है, प्रत्येक क्षेत्र का प्रतिनिधित्व विश्व व्यापार संगठन परिषद् में चुने गए उपाध्यक्ष द्वारा किया जाता है।

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