मैरीकोम ने विश्व महिला मुक्केबाजी चैंपियनशिप में जीता कांस्य पदक

भारत की स्टार मुक्केबाज़ मैरीकोम ने विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता। मैरीकोम सेमीफाइनल में तुर्की की मुक्केबाज़ से हार गयीं। गौरतलब है कि इस पदक के साथ  मैरीकोम विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में सर्वाधिक पदक जीतने वाली मुक्केबाज़ बन गयी हैं। मैरीकोम 6 बार की विश्व चैंपियन हैं।

मैरीकोम 

मैरीकोम का पूरा नाम नाम चुंगनिजजंग मैरी कॉम ह्मंगते है, उनका जन्म 1 मार्च, 1983 को मणिपुर के कन्गथेइ में हुआ था। वे विश्व स्तर पर अमेचर बॉक्सिंग की सबसे सफल मुक्केबाजों में से एक हैं। मैरीकोम आठ विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली इकलौती मुक्केबाज़ हैं। इनमे 6 स्वर्ण पदक भी शामिल हैं।

मैरी कॉम ने 2002 में अनाताल्या, 2005 में पोदोस्ल्क, 2006 में नईं दिल्ली, 2008 में निंगबो सिटी में, 2010 में ब्रिजटाउन तथा 2018 में नई दिल्ली में विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता है। इसके अलावा 2001 में उन्होंने स्क्रैंटन में आयोजित विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था।

मैरी कॉम ने 2012 में लन्दन ओलिंपिक में कांस्य पदक जीता था। इसके पश्चात् 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में मैरी कॉम ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। उन्होंने 2014 के एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक तथा 2010 के एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था।

26 अप्रैल, 2016 को राष्ट्रपति ने उन्हें राज्य सभा के सदस्य के लिए मनोनीत किया था।

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