राष्ट्रपति ने कर्नाटक गुड समारिटन प्रोटेक्शन बिल, 2016 को दी मंज़ूरी

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कर्नाटक गुड समारिटन एंड मेडिकल प्रोफेशनल (प्रोटेक्शन एंड रेगुलेशन ड्यूरिंग इमरजेंसी सिचुएशन) बिल, 2016 को संविधान के अनुच्छेद 200 के तहत मंज़ूरी दी।  इसके साथ कर्नाटक देश का ऐसा पहला राज्य बन गया जो दुर्घटना अथवा किसी आपातकालीन स्थिति में लोगों की सहायता करने वाले अच्छे नागरिक (समारिटन) को कानूनी सुरक्षा प्रदान करेगा। इस कानून से यह सुनिश्चित हो सकेगा कि मुश्किल स्थिति में लोगों की सहायता करने वाले अच्छे नागरिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी पेश न आये।

मुख्य बिंदु

इस कानून के द्वारा अच्छे नागरिकों को सुरक्षा प्रदान की जायेगी और सड़क दुर्घटना के पहले घंटे में पीड़ित की सहायता करने वाले व्यक्ति को सुरक्षा प्रदान की जाएगी। इसका उद्देश्य लोगों को दुर्घटना में दूसरों की सहायता करने के लिए प्रेरित करता है।

इस कानून के अनुसार सरकारी व निजी अस्पतालों को घायल व्यक्ति का प्रारंभिक उपचार करना अनिवार्य है। इस कानून के द्वारा मेडिकल प्रोफेशनल को भी गवाह के रूप में सुरक्षा दी जाएगी। इस कानून के अनुसार दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती करवाने के बाद सहायता करने वाला व्यक्ति वहां से जा सकता है।

इस कानून के तहत दुर्घटना में घायल व्यक्ति की सहायता करने वाले नागरिक को कर्नाटक सरकार वित्तीय सहायता भी देगी। और उस सहायता करने वाले व्यक्ति को कोर्ट तथा पुलिस स्टेशन में बार-बार आने से भी छूट दी जाएगी। कोर्ट तथा पुलिस स्टेशन में जाने के लिए सहायता करने वाले व्यक्ति के व्यय के लिए गुड समारिटन फण्ड की स्थापना की जाएगी।

पृष्ठभूमि

भारत में 2016 में 4,80,652 सड़क दुर्घटनाएं हुई, इनमे 1,50,785 लोगों की मृत्यु हुई। सड़क दुर्घटना के मामले में कर्नाटक देश के टॉप 5 राज्यों में से एक है। यह सिद्ध हो चुका है कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को यदि समय पर उपचार मिले तो उसका जीवन बच सकता है। इस प्रकार घायलों की सहायता करने वाले लोगो की सुरक्षा के लिए कोई केन्द्रीय कानून नहीं है। 2015 में केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने इस प्रकार के लोगों की सुरक्षा के लिए दिशानिर्देश जारी किये थे।

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