राष्ट्रमंडल देशों द्वारा साइबर सुरक्षा पर “राष्ट्रमंडल साइबर घोषणा” अपनाई गई

लंदन में राष्ट्रमंडल प्रमुखों की सरकारी बैठक (CHOGM) के अंत में 2020 तक राष्ट्रमंडल देशों ने साइबर सुरक्षा पर कार्रवाई करने के लिए राष्ट्रमंडल साइबर घोषणा को अपनाया है। इस घोषणा को साइबर सुरक्षा सहयोग पर दुनिया की सबसे बड़ी और भौगोलिक दृष्टि से अंतर-सरकारी प्रतिबद्धता माना जा रहा है। 53 राष्ट्रमंडल देश इस घोषणा के तहत अपने साइबर सुरक्षा प्रतिक्रिया तंत्र मूल्यांकन पर बारीकी से काम करने पर सहमत हुए है । इसके तहत किया गया वित्त पोषण राष्ट्रमंडल देशों की सरकारों, व्यवसायों और नागरिकों को प्रभावित करने वाले साइबर सुरक्षा जोखिमों तथा खतरों को रोकने हेतु काम करेगा। यह 2020 में होने वाली अगली राष्ट्रमंडल प्रमुखों की सरकारी बैठक (CHOGM) से पहले राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा क्षमता समीक्षा हेतु निम्न तथा मध्यम आय वाले राष्ट्रमंडल सदस्यों को सक्षम बनाएगा।

राष्ट्रमंडल देशों का संगठन

यह उन देशों का अंतर्राष्ट्रीय अंतर सरकारी संगठन है जो ज्यादातर ब्रिटिश साम्राज्य के अधीन थे। इसे 1949 में लंदन घोषणा द्वारा स्थापित किया गया था। अफ्रीका, एशिया, अमेरिका, यूरोप और प्रशांत के कई देश राष्ट्रमंडल में शामिल हैं। वर्तमान सदस्यता में 54 देशों (भारत सहित) शामिल हैं। यह सदस्यता मुक्त और समान स्वैच्छिक सहयोग पर आधारित है। रानी एलिजाबेथ द्वितीय राष्ट्रमंडल की प्रमुख हैं । वह राष्ट्रमंडल के 16 सदस्यों की प्रमुख भी है जिसे राष्ट्रमंडल क्षेत्र कहा जाता है।

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