लेनिनग्राद की घेराबंदी के 75 वर्ष

रूस में हाल ही में नाज़ी सेना द्वारा सैंट पीटर्स (पुराना नाम लेनिनग्राद) की घेराबंदी की  75वीं वर्षगाँठ मनाई।

लेनिनग्राद की घेराबंदी

जून 1941 में नाज़ी जर्मनी के आक्रमण के पश्चात् जर्मन सेना पश्चिम से लेनिनग्राद की ओर बढ़ी जबकि उनकी सहयोगी फिनिश सेना दक्षिण से लेनिनग्राद की ओर बढ़ी। लेनिनग्राद के लोगों ने सेना के साथ मिलकर एंटीटैंक किलेबंदी के निर्माण में सहयोग दिया। परन्तु तब तक शहर को चारों ओर से घेरा जा चुका था। नवम्बर तक शहर की रेल तथा अन्य आपूर्ति लाइन्स को काट दिया गया था।

इस घेराबंदी के कारण केवल 1942 में ही 6,50,000 लोगों की मृत्यु हुई। इस घेराबंदी से आपूर्ति बुरी तरह से प्रभावित हुई। सोवियत ने 1943 में आक्रमण शुरू किया और जर्मन घेरे को तोड़कर लेनिनग्राद के लिए अधिक आपूर्ति सुनिश्चित की। जनवरी 1944 तक सोवियत ने जर्मन्स को पश्चिम की  ओर धकेलते हुए शहर से बाहर कर दिया था। इस प्रकार यह घेराबंदी समाप्त हुई।

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