लोकतंत्र सूचकांक में भारत को प्राप्त हुआ 51वां स्थान

22 जनवरी, 2020 को इकनोमिक इंटेलिजेंस यूनिट ने वर्ष 2019 के लिए लोकतंत्र सूचकांक जारी किया। इस सूचकांक में नॉर्वे को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है, उसके बाद आइसलैंड और स्वीडन का स्थान है। इस सूचकांक में भारत 10 स्थान फिसलकर 51वें स्थान पर पहुँच गया है।

मुख्य बिंदु

इस रिपोर्ट के अनुसार भारत की रैंकिंग में गिरावट का मुख्य कारण नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन है, इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे के समाप्त करने से भी भारत की रैंकिंग में गिरावट आई है।

कश्मीर पर रिपोर्ट

कश्मीर से धारा 370 को हटाये जाने के बाद सरकार द्वारा उठाये गये कुछ क़दमों से भारत की रैंकिंग में कमी गयी आई है, इसमें बड़ी संख्या में कश्मीर में सैनिकों को तैनात करना, इन्टरनेट पर रोक तथा स्थानीय नेताओं को नज़रबंद करना शामिल है।

NRC पर रिपोर्ट

इस रिपोर्ट के अनुसार अंतिम सूची में 1.9 मिलियन लोगों को शामिल नहीं किया गया है। इसमें अधिकतर मुस्लिम है। जिसके कारण कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं।

सूचकांक में भारत का प्रदर्शन

लोकतंत्र सोच्कंक में 5 का स्कोर दिया जाता है। 2006 में इस सूचकांक के लांच के बाद 2019 में भारत ने 6.9 का निम्नतम स्कोर प्राप्त किया है। 2018 में भारत का स्कोर 7.23 था। 2014 में भारत का सर्वोच्च स्कोर 7.91 था। भारत का स्कोर हमेशा वैश्विक औसत से ऊपर ही रहा है। इस वर्ष वैश्विक औसत 5.4 है।

Advertisement

Month:

Categories:

Tags: , , , , , , ,