वाहन के इंधन का प्रकार दर्शाने वाले रंगीन स्टीकर के प्रस्ताव को सर्वोच्च न्यायालय ने स्वीकार किया

सर्वोच्च न्यायालय ने केन्द्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय के वाहनों में उपयोग किये जाने वाले इंधन का प्रकार दर्शाने वाले रंगीन स्टीकर के प्रस्ताव को स्वीकार किया। इस प्रस्ताव के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 30 सितम्बर, 2018 में वाहनों में उपयोग किये जाने वाले इंधन का प्रकार दर्शाने के लिए स्टीकर लगाए जायेंगे। यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह कलर कोडिंग केवल दिल्ली और एनसीआर में भी लागू होगी।

मुख्य बिंदु

इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद दिल्ली भारत का पहला शहर बन जायेगा, जहाँ पर वाहनों में इस्तेमाल किये जाने वाले इंधन का प्रकार दर्शाने के लिए रंगीन होलोग्राम स्टीकर का उपयोग किया जाता है। इसका उद्देश्य दिल्ली में वायु प्रदूषण को कम करना है। इस स्कीम के अनुसार पेट्रोल और CNG का  उपयोग करने वाले वाहनों में हल्के नीले रंग के स्टीकर लगाये जायेंगे, जबकि डीजल वाहनों में केसरिया रंग के स्टीकर लगाये जायेंगे। इन होलोग्राम स्टीकर पर वाहन की पंजीकरण की तारीख भी अंकित होगी। इसके अलावा केन्द्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय इलेक्ट्रिक व हाइब्रिड वाहनों के लिए हरी नंबर प्लेट शुरू करने की योजना पर भी विचार कर रहा है।

महत्व

रंगीन स्टीकर का उपयोग किये जाने से अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को अधिक प्रदूषित क्षेत्र में प्रवेश करने से रोका जा सकता है। प्रदूषण के स्तर को मध्य नज़र रखते हुए प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को अधिक भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र में प्रवेश करने से अस्थायी अथवा स्थायी रूप से रोका जा सकता है।

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