वित्त आयोग का कार्यकाल एक वर्ष के लिए बढ़ाया गया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय कैबिनेट ने 15वें वित्त आयोग के कार्यकाल को 30 अक्टूबर, 2020 तक बढ़ाने के लिए मंज़ूरी दी है।

वित्त आयोग

‘वित्त आयोग’ एक संवैधानिक संस्था है, इसका गठन संविधान के अनुच्छेद 280 के तहत किया गया था। वित्त आयोग केंद्र से राज्यों को मिलने वाले अनुदान के नियम भी तय करता है। यह राज्यों तथा केंद्र के बीच कर राजस्व वितरण की अनुशंसा भी करता है। वित्त आयोग का गठन पांच वर्ष के लिए किया जाता है, इसमें पांच सदस्य शामिल होते हैं। इनमे एक अध्यक्ष तथा चार सदस्य शामिल होते हैं। पहले वित्त आयोग का गठन 6 अप्रैल, 1952 को श्री के.सी. नेगी की अध्यक्षता में किया गया था।

15वां वित्त आयोग

15वें वित्त आयोग का गठन नवम्बर, 2017 में किया गया था। इसका गठन अगले पांच वर्षों (1 अप्रैल, 2020 से 31 मार्च, 2025) के लिए वित्तीय मामलों तथा कर निर्धारण के लिए किया गया था।

इसके अध्यक्ष एन.के. सिंह हैं। 15वें वित्त आयोग के सदस्य अजय नारायण झा, अशोक लाहिरी तथा अनूप सिंह हैं। रमेश चंद 15वें वित्त आयोग के पार्ट-टाइम सदस्य हैं।

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