वैज्ञानिकों ने बिना जेट टरबाइन से निर्मित ध्वनि रहित हवाई जहाज़ का निर्माण किया

अमेरिका के मेसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (MIT) के वैज्ञानिकों ने हाल ही में बिना प्रोपेलर अथवा जेट टरबाइन का हवाई जहाज़ निर्मित किया है। मौजूदा हवाईजहाजों में प्रोपेलर, टरबाइन व पंखे जैसे कल पुर्जे होए हैं जिन्हें चलाने के लिए ज्वलनशील जीवाश्म इंधन अथवा बैटरी का उपयोग किया जाता है। इस प्रकार इन कल–पुर्जों से काफी शोर उत्पन्न होता है।

मुख्य बिंदु

MIT के अनुसंधानकर्ताओं ने एक हल्के वायुयान का निर्माण किया है, इसका भार केवल 5 पौंड है और पखों की लम्बाई लगभग 5 मीटर है। इस हवाई जहाज़ को 10 बार 60 मीटर पर उड़ाया गया, यह ऐसा पहला हवाई जहाज़ है जिसके प्रोपल्शन सिस्टम में गतिशील कल-पुर्जे नहीं हैं।

इस नए हल्क्वे हवाईजहाज़ में प्रोपेलर अथवा टरबाइन नहीं है और न ही यह जीवाश्म इंधन पर निर्भर है। यह हवाईजहाज़ टीवी सीरीज व फिल्म “स्टार ट्रेक” से प्रेरित है। इसे आयनिक वायु अथवा इलेक्ट्रोडायनामिक थ्रस्ट से उर्जा प्राप्त होती है। इस स्थ्रुत का उत्पादन हवाईजहाज़ में आयन के संचार से किया जाता है। इससे किसी प्रकार का शोर उत्पन्न नहीं होता।

महत्व

इस नवीन तकनीक से हवाई जहाज़ की ध्वनी को कम करने में सहायता मिलेगी तथा इन जहाजों से होने वाले उत्सर्जन में भी कमी आएगी। यह तकनीक ड्रोन विमानों के लिए विशेष उपयोगी होगी। आयन प्रोपल्शन का उपयोग पारंपरिक जीवाशन इंधन पर आधारित प्रणाली के साथ भी किया जा सकता है, इससे इंधन दक्षता में वृद्धि होगी।

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