वैश्विक रियल एस्टेट पारदर्शिता सूचकांक में भारत 35 वें स्थान पर

हाल ही में जारी किए गए वैश्विक रियल एस्टेट पारदर्शिता सूचकांक (GRETI) में भारत 100 देशों के बीच 35 वें स्थान पर रहा. यह सूचकांक रियल्टी सलाहकार जेएलएल द्वारा जारी किया गया था. 2016 में आयोजित पिछले द्वि-वार्षिक सर्वेक्षण के दौरान भारत इस सूचकांक में 36 वें स्थान पर था जबकि वर्ष 2014 में 40 वें स्थान पर था. भारत के रियल्टी बाजार को वर्तमान में ‘अर्द्ध-पारदर्शी क्षेत्र’ में रखा गया है.

GRETI 2018 के मुख्य बिन्दु

  • इस सूची में शीर्ष 10 देश : यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त राज्य अमेरिका, फ्रांस, कनाडा, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, जर्मनी, आयरलैंड और स्वीडन है.
  • सबसे खराब प्रदर्शन वाले पाँच देश : वेनेज़ुएला (100), लीबिया (99), सेनेगल (98), मोजाम्बिक (97) और आइवरी कोस्ट (96) है.
  • ब्रिक्स देश : दक्षिण अफ्रीका 21 वें स्थान पर रहा, इसके बाद चीन 33 वें, ब्राजील 37 वें और रूस ने 38 वें स्थान पर सूची में अपनी जगह बनाई .
  • दक्षिण एशिया : श्रीलंका 66 वें स्थान तथा पाकिस्तान 75 वें स्थान पर रहा.

भारत से संबंधित तथ्य : सूचकांक के इस संस्करण में, बाजार बुनियादी सिद्धांतों, नीतिगत सुधारों और एफडीआई के उदारीकरण में सुधार के कारण भारत एक स्थान आगे बढ़ गया है गत संस्करण में भारत इस सूचकांक में 36 वें स्थान पर था. इसके अलावा, किफायती आवास के लिए संपत्ति रिकॉर्ड और उद्योग की स्थिति के डिजिटलीकरण ने भी भारत को अपनी रैंकिंग में सुधार करने में मदद की है. पिछले दो वर्षों में रियल एस्टेट में पारदर्शिता में अधिकतम सुधार दर्ज करने के लिए भारत शीर्ष दस देशों में से एक है.

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