सरकार ने गैर-पाम खाद्य तेलों पर आयात शुल्क 5-10% बढ़ाया

वित्त मंत्रालय के तहत केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBITC) ने घरेलू तिलहन उत्पादकों और प्रोसेसर के हितों की रक्षा के लिए क्रूड और रिफाइंड गैर-पाम खाद्य तेलों पर 5-10% तक आयात शुल्क बढ़ाया है.

मुख्य तथ्य

सूरजमुखी तेल: क्रूड तेल पर आयात शुल्क को 25% से बढ़ाकर 35% और रिफाइंड पर 35% से बढ़ाकर 45% कर दिया गया.

कच्चे मूंगफली का तेल: क्रूड तेल पर आयात शुल्क को 30% से बढ़ाकर 35% और रिफाइंड मूंगफली तेल पर 35% से बढ़ाकर 45% कर दिया है.

कैनोला तेल: आयात शुल्क 25% से बढ़ाकर 35% कर दिया गया है.

पृष्ठभूमि

घरेलू मांग को पूरा करने के लिए भारत सालाना 14 मिलियन टन से अधिक वनस्पति तेल आयात करता है. इस प्रकार, खाद्य तेलों में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार हर साल भुगतान करने के लिए भारी आयात बिल उत्पन्न करता है. खाद्य तेल के लिए आयात बिल करीब 10 अरब डॉलर का है, जो तेल और सोने के बाद भारत का तीसरा सबसे बड़ा विदेशी खर्च है. मार्च 2018 में, केंद्र सरकार ने क्रूड पाम तेलों पर आयात शुल्क 30% से 44% तक बढ़ाया था, जबकि रिफाइंड पाम तेल के लिए यह बढ़ोतरी 40% से 54% तक थी. लेकिन क्रूड और रिफाइंड गैर-पाम खाद्य तेलों पर सीमा शुल्क अपरिवर्तित रखा गया था.

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