सरकार ने रक्षा उत्पादन पर मसौदा नीति जारी की

रक्षा मंत्रालय ने रक्षा उत्पादन पर मसौदा नीति जारी की है जिसका उद्देश्य सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों की सक्रिय भागीदारी के साथ भारत को रक्षा प्लेटफार्मों के शीर्ष पांच निर्माताओं की सूची में लाना है। मंत्रालय ने नीतियों पर विशेषज्ञों और हितधारकों से टिप्पणियों और सुझावों की मांग की है। वर्तमान में, भारत सैन्य प्लेटफार्मों और हथियारों का विश्व में सबसे बड़ा आयातक है।

नीति का उद्देश्य

-भारत को रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना तथा राष्ट्रों की अनुकूल मांग को पूरा करना ।
-घरेलू रक्षा उद्योग को बढ़ावा तथा 2025 तक सैन्य सामान और सेवाओं में 1,70, 000 करोड़ रुपए का टर्नओवर हासिल करना।
-सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों की सक्रिय भागीदारी के साथ रक्षा प्लेटफॉर्म के शीर्ष पांच निर्माताओं में भारत को लाना ।
-घरेलू रक्षा उद्योग को बढ़ावा देने हेतु 2025 तक सैन्य उपकरणों और सेवाओं में 35,000 करोड़ रुपये का निर्यात हासिल करना।
-लगभग 70,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश को आकर्षित करना तथा देश में करीब 2 से 3 लाख लोगों के लिए रोज़गार के अवसर पैदा करना ।

सैन्य प्लेटफार्मों की पहचान:

यह नीति आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को हासिल करने के लिए भारत में उत्पादन के लिए 12 सैन्य प्लेटफार्मों और हथियार प्रणालियों को लागू करने जा रही है इनमे लड़ाकू विमान, युद्धपोत, भूमि लड़ाकू वाहन, मिसाइल प्रणाली, मीडियम लिफ्ट और यूटिलिटी हेलीकाप्टर, बंदूक , छोटे हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध (ईडब्ल्यू) प्रणाली, निगरानी प्रणाली जिसमे शामिल हैं।

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