सरकार ने NCRB को ऑनलाइन बाल पोर्नोग्राफी और यौन हिंसा पर रोकथाम लगाने की ज़िम्मेदारी सौंपी

केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) को ऑनलाइन बाल पोर्नोग्राफी और यौन हिंसा पर रोकथाम लगाने के लिए नोडल एजेंसी बनाया है। यह निर्णय महिलाओं व बच्चों के विरुद्ध यौन हिंसा पर रोकथाम लगाने के लिए आयोजित एक बैठक में लिया गया।

मुख्य बिंदु

NCRB ऑनलाइन बाल पोर्नोग्राफी व यौन हिंसा के विडियो पर किसी शिकायत अथवा स्वप्रेरणा से कारवाई कर सकती है। इस प्रकार के शिकायतें प्राप्त करने तथा उन पर कारवाई करने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल लांच किया जायेगा। NCRB को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के सेक्शन 79 तहत कार्य करने के लिए शक्तियां प्रदान की गयी हैं।

पृष्ठभूमि

यह बैठक  सर्वोच्च न्यायालय में प्रज्वला NGO द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई से पहले बुलाई गयी थी। प्रज्वला NGO ने बाल पोर्नोग्राफी की ऑनलाइन उपलब्धता पर रोक लगाने के लिए याचिका दायर की है। इस बैठक की अध्यक्षता गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने की। इस बैठक में इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल तथा इंटेलिजेंस ब्यूरो के निदेशक ने हिस्सा लिया। इस बैठक में अश्लील सामग्री को फ़िल्टर करने के बारे में चर्चा की गयी।  इस बैठक में बाल पोर्नोग्राफी से सम्बंधित लगभग 500 कीवर्ड गूगल, याहू, व्हाट्सएप्प और माइक्रोसॉफ्ट के साथ शेयर करने का फैसला लिया गया, यह कंपनियां इन कीवर्ड को फ़िल्टर कर सकेंगी।

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की स्थापना 11 मार्च 1986 को अपराध और अपराधियों की सूचना के संग्रह एवं स्रोत (repository) के रूप में की गई थी, जिससे कि अपराध को अपराधियों से जोड़ने में खोजकर्ताओं को सहायता मिल सके। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है। इसके प्रमुख ईश कुमार है।
आदर्श वाक्य – सूचना प्रौद्योगिकी के साथ भारतीय पुलिस को सशक्त बनाना है।

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