COVID परीक्षण I-Lab को केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ने हरी झंडी दिखाई

18 जून, 2020 को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने नई दिल्ली में आई-लैब (संक्रामक रोग निदान प्रयोगशाला) लांच की। यह भारत में लांच की गयी  पहली बार आई-लैब है। आई-लैब देश भर में कोविड-19 के परीक्षण को बढ़ाने में मदद करेगा। इसे जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा अपने COVID परीक्षण केन्द्रों में से तैनात किया जाएगा। वर्तमान में देश में 20 से अधिक ऐसे हब हैं, जो दैनिक आधार पर संचालित होते हैं, इन हब में 100 परीक्षण प्रयोगशालाएं हैं जिन्होंने अब तक 2 लाख 60 हजार परीक्षण किये हैं।

I-Lab का उद्देश्य

आई-लैब एक मोबाइल परीक्षण सुविधा है जिसका उपयोग देश के ग्रामीण क्षेत्रों में दुर्गम क्षेत्रों में कोविड-19 के लिए नमूने एकत्र करने और परीक्षण के लिए किया जाएगा।

DBT- AMTZ COMMand

एशिया के पहले चिकित्सा उपकरण पारिस्थितिकी तंत्र के साथ- आंध्र प्रदेश मेड-टेक ज़ोन (AMTZ) – विशाखापत्तनम में स्थित, जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) ने प्रौद्योगिकी की कमी को दूर करने के लिए DBT- AMTZ COMMAND (COVID Medtech Manufacturing Development) कंसोर्टिया की स्थापना की है। देश का पहला आई-लैब AMTZ में 8 दिनों के रिकॉर्ड समय में बनाया गया था।

आई-लैब

COVID-19 के अलावा मोबाइल परीक्षण सुविधा अन्य संक्रामक रोगों का निदान करने में भी सक्षम है। इसकी कुछ विशेषताएं हैं: इनमें से प्रत्येक I-Lab हर दिन 25 RD-PCR (रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पॉलीमरेज़ चेन रिएक्शन) टेस्ट कर सकती है, यह 300 एलिसा (एंजाइम-लिंक्ड इम्युनोसे) परीक्षण, एचआईवी और टीबी जैसी बीमारियों के लिए परीक्षण करने के लिए कर सकती  है।

Advertisement

Month:

Categories:

Tags: , , , , ,