DRDO अस्त्र मिसाइल की रेंज को दोगुना करेगा

रक्षा अनुसन्धान व विकास संगठन (DRDO) के चेयरमैन जी. सतीश रेड्डी ने हाल ही ‘अस्त्र’ मिसाइल की रेंज को बढ़ाकर कर दोगुना करने की घोषणा की है। भारत उन चुनिन्दा देशों में से है जिनके पास अपना सफल बैलिस्टिक मिसाइल डिफेन्स प्रोग्राम है।

अस्त्र मिसाइल

अस्त्र मिसाइल दृश्यमान रेंज से दूर हवा-से-हवा में मार कर सकने वाली स्वदेशी निर्मित मिसाइल (BVRAAM: Beyond Visual Range Air-to-Air Missile) है। इसका निर्माण रक्षा अनुसन्धान व विकास संगठन (DRDO) द्वारा किया गया है। यह DRDO द्वारा निर्मित सबसे छोटे वेपन सिस्टम में से एक है। इसकी लम्बाई 3.8 मीटर तथा इसका भार 154 किलोग्राम है। यह एक सिंगल स्टेज मिसाइल है, इसमें ठोस इंधन का इस्तेमाल किया जाता है।

इस मिसाइल में 15 किलोग्राम पारंपरिक विस्फोटक ले जाया जा सकता है। इस मिसाइल को अलग-अलग ऊंचाई में से लांच किया जा सकता है। यह मिसाइल 4 मैक (ध्वनि की गति से चार गुना तेज़) की गति से अपने लक्ष्य को नष्ट कर सकती है। इस मिसाइल को किसी भी मौसम में लांच किया जा सकता है। इस मिसाइल में एक्टिव राडार टर्मिनल गाइडेंस, इलेक्ट्रॉनिक काउंटर-काउंटर (ECCM) तथा स्मोकलेस प्रोपल्शन जैसे फीचर हैं। इलेक्ट्रॉनिक काउंटर-काउंटर की सहायता से यह मिसाइल दुश्मन राडार के सिग्नल को जाम कर सकती है। इस मिसाइल को भारतीय वायुसेना के लगभग सभी लड़ाकू विमानों जैसे सुखोई-30, MKI, मिराज-2000, मिग-29, जैगुआर तथा तेजस में उपयोग किया जा सकता है।

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