ICOMOS ने केरल में लांच किया धरोहर बचाव अभियान

अंतर्राष्ट्रीय स्मारक व स्थल परिषद् (ICOMOS) ने केरल धरोहर बचाव अभियान लांच किया है। इसका उद्देश्य केरल में बाढ़ के कारण ध्वस्त धरोहर स्थलों को हुए नुकसान का आकलन करना है। ICOMOS स्मारक संरक्षण के लिए एक वैश्विक संस्था है।

मुख्य बिंदु  

केरल धरोहर बचाव अभियान का उद्देश्य केरल में बाढ़ के कारण सांस्कृतिक धरोहर को हुए नुकसान के लिए प्लेटफार्म स्थापित करना है। केरल में भवनों, संग्रहालयों, सांस्कृतिक वस्तुओं, पुस्तकालयों, अभिलेखागारों इत्यादि के नुकसान सम्बन्धी डाटा के लिए एक फेसबुक पेज भी बनाया गया है।

इस अभियान के तहत ICOMOS बाढ़ के कारण केरल की समृद्ध को जो नुकसान हुआ है उसका आकलन किया जायेगा। इसके लिए कुछ एक टीम का गठन किया जायेगा, इन टीमों को नुकसान आकलन सम्बन्धी प्रशिक्षण दिया जायेगा। ICOMOS ने आपदा के बाद पुनःस्थापन कार्य के किये सांस्कृतिक सम्पदा संरक्षण व पुनःस्थापन अध्ययन केंद्र (ICCROM) से भी संपर्क किया है। ICCROM इटली के रोम में स्थित है, यह एक अंतर्सरकारी संगठन है जो सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के लिए कार्य करता है।

पृष्ठभूमि

केरल में अद्भुत प्राकृतिक सौन्दर्य के अतिरिक्त ऐतिहासिक किले, महल व अन्य भवन हैं जिन्हें देखने के लिए प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में लोग यहाँ आते हैं। हाल ही में केरल में बाढ़ के कारण परिस्थितियां काफी विपरीत हैं, बाढ़ के कारण अब तक 223 लोगों की मृत्यु हो चुकी है जबकि 10 लाख लोगों को अपने घरों से पलायन करना पड़ा। केंद्र सरकार ने इस आपदा को ‘अत्यंत गंभीर आपदा’ घोषित किया है।

नोट : आपदा जोखिम नियंत्रण के लिए सेन्डाई फ्रेमवर्क में सांस्कृतिक सम्पदा के संरक्षण की व्यवस्था की गयी है।

अंतर्राष्ट्रीय स्मारक व स्थल परिषद् (ICOMOS

ICOMOS एक गैर-सरकारी वैश्विक संरक्षण संस्था है, यह विश्व भर में धरोहर भवनों के संरक्षण के लिए कार्य करता है। यह यूनेस्को की सांस्कृतिक धरोहर के लिए सलाहकार संस्था है, विश्व धरोहर समझौते को लागू करने में इसकी भूमिका महत्वपूर्ण है। इसका स्थापना 1965 में पोलैंड के वॉरसॉ में 1964 के वेनिस चार्टर के अंतर्गत की गयी थी। इसका मुख्यालय फ्रांस के पेरिस में स्थित है।

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