JDU के हरिवंश नारायण सिंह को पुनः राज्य सभा का डिप्टी चेयरमैन नियुक्त किया गया

4 सितंबर, 2020 को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के उम्मीदवार और जनता दल (यूनाइटेड) के सांसद हरिवंश नारायण सिंह (64) को एक बार फिर से राज्यसभा का उपाध्यक्ष चुना गया है।

विपक्ष ने आरजेडी (राष्ट्रीय जनता दल) के सांसद मनोज झा को हरिवंश के विरुद्ध खड़ा किया था। हरिवंश नारायण सिंह के नाम का प्रस्ताव भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) के अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने रखा और उनके प्रस्ताव का सदन के नेता थावरचंद गहलोत ने समर्थन किया।

राज्यसभा के उपसभापति का चुनाव कैसे होता है?

उपसभापति एक संवैधानिक पद है। भारत के संविधान के अनुच्छेद 89 में कहा गया है कि पद खाली होने पर उपसभापति पद के लिए राज्यसभा अपने किसी सांसद का चुनाव कर सकती है। राज्यसभा सांसद के पद से हटाए जाने के बाद अथवा इस्तीफे के बाद उपसभापति का पद खाली हो जाता है।

हरिवंश नारायण सिंह

हरिवंश का जन्म 30 जून 1956 को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के सीताबदियारा गाँव में हुआ था। माना जाता है कि हरिवंश, गांधीवादी जयप्रकाश नारायण के आंदोलन से काफी प्रभावित थे।

हरिवंश ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में डिप्लोमा और अर्थशास्त्र में एम.ए. की पढ़ाई की और टाइम्स समूह के साथ अपना करियर शुरू किया। इसके बाद हरिवंश को साप्ताहिक पत्रिका धर्मयुग की जिम्मेदारी दी गई। हरिवंश 1981 तक धर्मयुग के उप-संपादक रहे। इसके बाद, उन्होंने पत्रकारिता छोड़ दी और 1981 से 1984 तक हैदराबाद और पटना में बैंक ऑफ़ इंडिया में शामिल हुए।

1984 में, हरिवंश ने फिर से पत्रकारिता में वापसी की और 1989 तक आनंद बाज़ार पत्रिका की साप्ताहिक पत्रिका संडे के सहायक संपादक रहे।

राज्यसभा

प्रकार : भारत की संसद का ऊपरी सदन

अध्यक्ष : एम. वेंकैया नायडू (भारत के उप-राष्ट्रपति)

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