NDFB के 1615 उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया

हाल ही में असम के प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ़ बोडोलैंड (NDFB) के 1615 उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। दरअसल 27 जनवरी, 2020 को भारत सरकार ने ऐतिहासिक बोडो समझौते पर हस्ताक्षर किये थे, यह समझौते नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ़ बोडोलैंड (NDFB) के 9 धड़ों के साथ हुआ। इस समझौते के अनुसार बोडोलैंड टेरीटोरियल एरिया डिस्ट्रिक्ट में स्थानीय लोगों के लिए विशेष अधिकार होंगे। इस क्षेत्र में बाहरी लोगों को काम करने के लिए परमिट हासिल करना होगा।

इस समझौते से असम में रहने वाले बोडो लोगों को राजनीतिक अधिकार प्राप्त होंगे। इस समझौते पर केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह, असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल और NDFB के नेताओं की उपस्थिति में हस्ताक्षर किये गये। भारत सरकार ने अगले तीन वर्षों में बोडोलैंड के विकास के लिए 1500 करोड़ रुपये जारी करने का फैसला किया है।

नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ़ बोडोलैंड (NDFB)

नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ़ बोडोलैंड (NDFB) का गठन 1986 में हुआ था, इसका उद्देश्य बोडो लोगों के लिए स्वतंत्र बोडोलैंड की स्थापना करना है। यह बहुत सी अवैध तथा हिंसक गतिविधियों  में शामिल रहा है। NDFB लोगों में आतंक फैलाने तथा अवैध वसूली जैसे कार्यों में संलग्न है। NDFB पर असम के गैर-बोडो लोगों की हत्या तथा उनकी संपत्ति को नष्ट करने का आरोप है।

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