SCO शान्ति मिशन 2018: रूस के चेबार्कुल में किया गया आतंक विरोधी युद्ध अभ्यास

शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शांति मिशन 2018 का आयोजन रूस के चेबार्कुल में किया गया।  इसमें SCO के सभी आठ सदस्य देशों (चीन, रूस, किर्गिज़स्तान, उज्बेकिस्तान, ताजीकिस्तान, कजाखस्तान, भारत और पाकिस्तान) के सैन्य दलों ने हिस्सा लिया। इस अभ्यास का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच आतंक विरोधी ऑपरेशन के लिए तालमेल बढ़ाना था। यह स्वतंत्रता के बाद ऐसा पहला अवसर था जब भारत और पाकिस्तान ने किसी सैन्य अभ्यास में एक साथ हिस्सा लिया। हालांकि संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में दोनों देशों की सेनाएं साथ में काम कर चुकी हैं।

SCO शांति मिशन 2018

इस अभ्यास में SCO के सदस्य देशों ने एकजुट होकर आतंकवाद के विरुद्ध लड़ने के लिए संयुक्त सैन्य अभ्यास किया। इस अभ्यास शहरी क्षेत्र में आतंकवादियों के विरुद्ध ऑपरेशन का अभ्यास किया। इसमें सभी देशों में अपनी दक्षता व युद्ध कुशलता का आदान प्रदान किया।

आठ SCO सदस्य देशों से लगभग 3000 सैनिकों में इस अभ्यास में हिस्सा लिया। इस अभ्यास सबसे अधिक सैनिक रूस के थे, इसमें रूस के 1700 सैनिकों ने हिस्सा लिया। इस अभ्यास में चीन के 700 तथा भारत के 300 सैनिकों ने हिस्सा लिया। भारतीय दल में 167 जवान थल सेना (4 महिला अफसर) तथा 33 वायुसेना के जवान शामिल थे। इस अभ्यास के पाकिस्तान के 110 सैनिक शामिल थे।

नोट : SCO शांति मिशन अभ्यास का आयोजन प्रत्येक दो वर्ष बाद किया जाता है। शुरू में इस अभ्यास में मध्य एशियाई देश ही हिस्सा लेते थे। जून, 2017 में भारत और पाकिस्तान को भी SCO में शामिल किया गया था।

शंघाई सहयोग संगठन (SCO)

शंघाई सहयोग संगठन राजनीतिक व सुरक्षा सहयोग संगठन है, इस संगठन के आठ सदस्य देश हैं। इसका मुख्यालय चीन की राजधानी बीजिंग में स्थित है। शंघाई के पूर्णकालिक सदस्य चीन, रूस, कजाखस्तान, उज्बेकिस्तान, ताजिकिस्ता, किर्गिज़स्तान, भारत और पाकिस्तान हैं। SCO सदस्य देशों की जनसँख्या विश्व की कुल जनसँख्या का 40% तथा सदस्य देशों की जीडीपी वैश्विक जीडीपी का 20% हिस्सा है। अफ़ग़ानिस्तान, बेलारूस, ईरान और मंगोलिया को SCO में पर्यवेक्षक का दर्जा प्राप्त है।

SCO ‘शंघाई फाइव’ नामक संगठन से बना है, इसकी स्थापना 1996 में चीन ने की थी। इसमें रूस, कज़ाखस्तान, किर्गिजस्तान और ताजीकिस्तान शामिल थे। 2001 में उज्बेकिस्तान को इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया था।  इसके पश्चात् SCO जा जन्म हुआ।2005 में अस्ताना शिक्षर सम्मेलन की घोषणा के बाद SCO एक क्षेत्रीय सुरक्षा संगठन के रूप में उभरा।

SCO का मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों में सैन्य सहयोग को बढ़ावा देना है। यह मध्य एशिया में सूचना साझा करने तथा आतंक विरोधी ऑपरेशन के लिए कार्य करता है। इसमें मध्य एशियाई देशों की प्रमुख्य समस्याओं आतंकवाद व अलगाववाद का समाधान किया जाता है। पिछले एक दशक में SCO में चीन की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गयी है।

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