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इस श्रेणी में इसरो से संबन्धित हिन्दी भाषा के करेंट अफेयर्स (समाचार सारांश) एवं समसामयिक घटनाक्रम का SSC, Railways, RAS/RPSC, BPSC, MPPSC, JPSC, HPSC, UPPSC, UKPSC एवं अन्य प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण समाचारों का संग्रह किया गया है।

मत्स्य विभाग के लिए NAVIC मैसेजिंग सिस्टम

17 मार्च, 2020 को अंतरिक्ष विभाग ने संसद में बताया कि इसरो ने NAVIC मैसेजिंग सिस्टम और रिसीवर डिज़ाइन किया है। यह प्रणाली वर्तमान में इंडियन नेशनल सेंटर फॉर ओशन इन्फॉर्मेशन सिस्टम (INCOIS) द्वारा उपयोग की जा रही है। मुख्य बिंदु इस प्रणाली का इस्तेमाल सुनामी, चक्रवात, ऊंची लहरों जैसे मामलों में आपातकालीन चेतावनी संदेशोंRead More...

5 मार्च को लांच किया जाएगा GISAT-1 उपग्रह

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) भारतीय उपमहाद्वीप की लगातार निगरानी के लिए GISAT 1 (अर्थ-इमेजिंग सैटेलाइट) लॉन्च करने जा रहा है। मुख्य बिंदु इसरो द्वारा 5 मार्च, 2020 को उपग्रह का प्रक्षेपण किया जायेगा। इस उपग्रह को जीएसएलवी-एफ 10 रॉकेट द्वारा लांच किया जाएगा। इस उपग्रह का वजन 2,275 किलोग्राम है और इसे जियोसिंक्रोनसRead More...

2020 में इसरो लांच करेगा 10 अर्थ इमेजिंग सैटेलाइट

15 फरवरी, 2020 को इसरो ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट प्रकाशित की। इस रिपोर्ट के अनुसार 2020-21 में इसरो 10 अर्थ इमेजिंग सैटेलाइट लांच करेगा। इसमें प्रथम जियो-इमेजिंग सैटेलाइट GISAT-1 भी शामिल है। मुख्य बिंदु इस रिपोर्ट के अनुसार मौजूदा समय में 18 संचार उपग्रह, 19 राष्ट्रीय पृथ्वी पर्यवेक्षण उपग्रह तथा 8 नेविगेशन उपग्रह हैं। इनमेRead More...

जी. नारायणन को न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड का चेयरमैन नियुक्त किया गया

जाने-माने अंतिरक्ष वैज्ञानिक जी. नारायणन को ‘न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड’ का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। ‘न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड’ इसरो की वाणिज्यिक इकाई है। इससे पहले जी. नारायणन तिरुवनंतपुरम में इसरो की एक इकाई LPSC (Liquid Propulsion Systems Centre) में डिप्टी डायरेक्टर के रूप में कार्यरत थे। ‘न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड’ एकRead More...

अगले पांच वर्षों में इसरो लांच करेंगा कम लागत वाले उपग्रह लांच व्हीकल

भारतीय अन्तरिक्ष  अनुसन्धान संगठन (इसरो) अगले पांच वर्षों में 30-35 करोड़ रुपये की लागत वाले लांच व्हीकल के निर्माण पर कार्य कर रहा है, यह लांच व्हीकल 500 किलोग्राम तक के उपग्रह को अन्तरिक्ष में ले जा सकते हैं। मुख्य बिंदु इसरो इस प्रकार के लांच व्हीकल का निर्माण तीन सप्ताह में कर सकता है। इसके लिए इसरो ने 1600 मिलियनRead More...