मेक इन इंडिया Page-2

इस श्रेणी में मेक इन इंडिया से संबन्धित हिन्दी भाषा के करेंट अफेयर्स (समाचार सारांश) एवं समसामयिक घटनाक्रम का SSC, Railways, RAS/RPSC, BPSC, MPPSC, JPSC, HPSC, UPPSC, UKPSC एवं अन्य प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण समाचारों का संग्रह किया गया है।

कैबिनेट ने राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स नीति 2019 को मंज़ूरी दी

केन्द्रीय कैबिनेट ने राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स नीति 2019 को मंज़ूरी दे दी है। इस नीति का उद्देश्य भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाईन व मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक हब बनाना है। इस नीति के द्वारा भारत में कोर इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स के निर्माण को बढ़ावा दिया जायेगा। नीति के उद्देश्य इस नीति के द्वारा वैश्विकRead More...

रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भरता

हैदराबाद में रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भरता पर राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसका आयोजन फोरम फॉर इंटीग्रेटेड नेशनल सिक्यूरिटी द्वारा इंडिजेनस डिफेन्स इंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन के साथ मिलकर किया जा रहा है। रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भरता भारत के लिए रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भरता प्राप्त करनाRead More...

प्रधानमंत्री मोदी ने हजीरा में किया K9 वज्र सेल्फ-प्रोपेल्ड होवित्ज़र तोप के निर्माण कारखाने का उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में सूरत के निकट हजीरा में लार्सेन एंड टुब्रो द्वारा निर्मित आर्मरड सिस्टम्स काम्प्लेक्स का उद्घाटन किया। इस काम्प्लेक्स में K9 वज्र सेल्फ-प्रोपेल्ड होवित्ज़र तोपों का निर्माण किया जायेगा। K9 वज्र सेल्फ-प्रोपेल्ड होवित्ज़र तोप इस तोप का भार 50 टन है, यह 43 किलोमीटर दूर लक्ष्यRead More...

प्रधानमंत्री मोदी को प्रदान किया गया पहला फिलिप कोट्लर अवार्ड

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पहला फिलिप कोट्लर प्रेसिडेंशियल अवार्ड प्रदान किया गया। इस अवार्ड का उद्देश्य उन लोगों अथवा कंपनियों को सम्मानित करना है जो किसी उद्योग अथवा देश के आर्थिक, सामाजिक व तकनीकी विकास के लिए नवोन्मेषी संस्कृति को बढ़ावा देते हैं। प्रधानमंत्री मोदी को यह पुरस्कार क्योंRead More...

रक्षा उपकरणों के निर्माण के लिए नियमों में ढील दी गयी

सरकार ने रक्षा उपकरणों के निर्माण के लिए नियमों में ढील दी है। नए नियमों के अनुसार हवाई रक्षा तथा युद्धक पोत के रक्षा उपकरणों को उद्योग (विकास व नियमन) अधिनियम के अंतर्गत कवर किया जायेगा तथा उन्हें वाणिज्य तथा उद्योग मंत्रालय से लाइसेंस लेने की आवश्यकता नहीं है। केन्द्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय के अंतर्गतRead More...